रेवाड़ी, 06 जून (वेब वार्ता)। नवनिर्मित हाईटेक जिला जेल से दो कैदियों के फरार होने के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए जेल अधीक्षक सुरेंद्र दलाल को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जेल प्रशासन की जांच और उच्च अधिकारियों की समीक्षा के बाद की गई है। मामले को ड्यूटी में लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक से जोड़कर देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 28 मार्च को रेवाड़ी स्थित हाईटेक जिला जेल से दो कैदी करीब 25 फुट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए थे। घटना के समय सुरेंद्र दलाल अवकाश पर थे। जांच में इसे सुरक्षा व्यवस्था के प्रति लापरवाही और जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर कमी माना गया।
पहले सात कर्मचारियों पर हुई थी कार्रवाई
इस प्रकरण में जेल विभाग पहले ही सख्त रुख अपना चुका था। प्रारंभिक जांच के बाद पांच हेड वार्डर और दो वार्डर सहित कुल सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। उस समय विभाग ने स्पष्ट किया था कि जेल अधीक्षक की भूमिका की अलग से जांच की जाएगी।
अब जांच रिपोर्ट के आधार पर सुरेंद्र दलाल के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का मानना है कि इतनी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जा सकती।
फरार कैदियों को बाद में किया गया गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने फरार कैदियों की तलाश शुरू की थी। बाद में दोनों कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
आधुनिक तकनीक और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था से लैस बताई जाने वाली इस हाईटेक जेल से कैदियों का फरार होना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना गया।
जून 2025 में हुआ था जेल का उद्घाटन
रेवाड़ी की इस आधुनिक जिला जेल का उद्घाटन जून 2025 में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने किया था। अत्याधुनिक सुविधाओं और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था के कारण यह जेल चर्चा में रही थी, लेकिन कैदी फरारी की घटना ने इसकी सुरक्षा तैयारियों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया।
घटना के बाद प्रशासन ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है।
नए अधीक्षक ने संभाला कार्यभार
जेल प्रशासन ने रेवाड़ी जिला जेल में नए अधीक्षक के रूप में रेशम सिंह की नियुक्ति की है। उन्होंने कार्यभार संभाल लिया है और जेल की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है।
प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। रेवाड़ी जेल फरारी प्रकरण में हुई यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के प्रति सरकार के सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है।




