उज्जैन, 15 मई (वेब वार्ता)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को उज्जैन के मक्सी रोड स्थित जय गुरुदेव आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने गुरुदेव महाराज से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गुरुदेव के अमृत प्रवचन का श्रवण भी किया और मंच से उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सनातन परंपरा, गौसंरक्षण और सिंहस्थ 2028 को लेकर सरकार की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन की पावन भूमि पर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि गुरुवर के दर्शन कर ऐसा अनुभव होता है मानो स्वयं ईश्वर के दर्शन हो गए हों। उन्होंने आश्रम को परमात्मा का घर बताते हुए कहा कि गुरुदेव के चरणों से मिलने वाला मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा देने का कार्य करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुदेव की प्रेरणा से प्रदेश सरकार गौशालाओं के निर्माण और गौसंरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि उज्जैन सहित कई धार्मिक नगरों में शराबबंदी लागू की गई है। उन्होंने कहा कि उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, पीतांबरा पीठ, सलकनपुर, ओरछा और चित्रकूट समेत 19 नगरों में शराबबंदी का निर्णय गुरुदेव की कृपा और मार्गदर्शन से संभव हो पाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सनातन संस्कृति और भारतीय जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में “गीता वन” विकसित किए जा रहे हैं, जहां भगवान कृष्ण के उपदेशों का अध्ययन और आध्यात्मिक चिंतन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि गोपालन को बढ़ावा देने के साथ ही गोपालक परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जय गुरुदेव आश्रम देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिकता के मार्ग पर आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुदेव के आशीर्वाद से ही वह प्रदेश की जनता की सेवा समर्पित भाव से कर पा रहे हैं और उन्हें निरंतर मार्गदर्शन मिलता रहता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रामघाट पहुंचकर सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का निरीक्षण भी किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल अधिकारी ही नहीं बल्कि वह स्वयं भी विकास कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सिंहस्थ के लिए किए जा रहे विकास कार्यों का लाभ आयोजन के बाद भी आम लोगों को मिलता रहे। उन्होंने कहा कि उज्जैन अब केवल धार्मिक नगरी नहीं बल्कि उत्सव की नगरी के रूप में भी विकसित हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि शहर के विकास कार्यों में आम जनता का सहयोग सराहनीय है। धार्मिक स्थलों के आसपास विकास कार्यों के लिए लोग स्वयं आगे आ रहे हैं, जो समाज में सकारात्मक सोच का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सहयोगात्मक प्रयासों से प्रदेश को नई दिशा मिल रही है और यह सभी के लिए गर्व की बात है।




