अलवर, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। राजस्थान के अलवर जिले में एक नाबालिग लड़के के साथ कथित तौर पर बर्बर मारपीट और थर्ड डिग्री यातना देने का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस प्रकरण में यूआईटी थाना प्रभारी दारा सिंह मीणा सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
विरोध के बाद दर्ज हुई एफआईआर
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने प्रारंभ में पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। बढ़ते दबाव के चलते पुलिस को अंततः रविवार देर रात एफआईआर दर्ज करनी पड़ी।
धरना और नारेबाजी से बढ़ा दबाव
रविवार शाम को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पीड़ित परिवार के सदस्य चौपानकी थाना पहुंचे। यहां कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम यादव के नेतृत्व में धरना दिया गया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। मामला उस समय और गरमा गया जब पूर्व विधायक संदीप यादव और कांग्रेस प्रत्याशी इमरान खान भी प्रदर्शन में शामिल हो गए।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब इस मामले में आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



