कोलकाता, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले सियासी मुकाबला चरम पर पहुंच गया है। प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने जनता को लुभाने के लिए अपने-अपने वादों की झड़ी लगा दी है। इसी बीच नरेंद्र मोदी ने बैरकपुर में आयोजित चुनावी सभा में पांच बड़ी गारंटियों का ऐलान कर मुकाबले को और धार दे दी है।
प्रधानमंत्री ने रोजगार, भर्ती, वेतन और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों को केंद्र में रखते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं। उनके इस ऐलान के बाद चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है।
पांच गारंटियों से साधा मतदाताओं को संदेश
प्रधानमंत्री द्वारा घोषित गारंटियों में रेहड़ी-पटरी कारोबारियों को बैंक से सहायता, समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, रोजगार मेलों के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरण, राज्य में सातवां वेतन आयोग लागू करना और गांवों में 125 दिन रोजगार देकर पलायन रोकने का वादा शामिल है। इन घोषणाओं के जरिए भाजपा ने सीधे तौर पर युवाओं, कर्मचारियों और ग्रामीण मतदाताओं को साधने की कोशिश की है।
बैरकपुर से परिवर्तन का आह्वान
बैरकपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि इसी धरती ने 1857 की पहली स्वतंत्रता संग्राम को ऊर्जा दी थी और अब यही भूमि बदलाव की दिशा तय करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में हर ओर बदलाव की मांग उठ रही है और जनता नई सरकार चाहती है।
पहले भी दे चुके हैं गारंटी का संदेश
इससे पहले भी प्रधानमंत्री ने नौ अप्रैल को छह गारंटियों का जिक्र करते हुए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, कानून व्यवस्था मजबूत करने और सरकारी कर्मचारियों को लाभ देने जैसे वादे किए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार गारंटी वाले ऐलानों के जरिए भाजपा चुनावी रणनीति को मजबूत करने में जुटी है।
निर्णायक होगा आगामी मतदान
दूसरे चरण की वोटिंग से पहले जिस तरह से बयानबाजी और वादों का दौर तेज हुआ है, उससे साफ है कि मुकाबला कड़ा होने वाला है। अब सभी की नजर आगामी परिणामों पर टिकी है, जो तय करेंगे कि जनता किस दल के वादों पर भरोसा जताती है।



