हरियाणा में किसान ई-खरीद एप जल्द लॉन्च, मंडी में इंतजार से मिलेगी राहत

चंडीगढ़, 26 अप्रैल (वेब वार्ता)। हरियाणा के किसानों के लिए फसल बिक्री प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि प्रदेश में जल्द ही किसान ई-खरीद एप लॉन्च किया जाएगा, जिससे किसानों को मंडियों में बैठकर इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस एप के माध्यम से किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई और उपज सत्यापन, गेट पास शेड्यूलिंग तथा अन्य सभी जरूरी जानकारियां एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी। इससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और देरी की समस्या भी समाप्त होगी। साथ ही अगले सप्ताह से किसानों को व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित जे-फॉर्म भेजे जाएंगे, जिससे उन्हें ऋण या अन्य कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रेसवार्ता में बताया कि रबी सत्र में इस वर्ष गेहूं की रिकॉर्ड आवक दर्ज की गई है। अब तक प्रदेश की मंडियों में 21 हजार 44 करोड़ रुपये मूल्य की 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं आ चुका है, जो पिछले चार वर्षों में सर्वाधिक है। 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं और सभी की पहचान डिजिटल गेट पास के माध्यम से की जा रही है। लगभग 97 प्रतिशत यानी 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा हो चुका है। वहीं 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद और 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन का उठान भी किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले गेहूं की बिक्री का सीजन करीब ढाई महीने तक चलता था, जो अब सिमटकर लगभग 15 दिन रह गया है। इसके कारण थोड़ी चुनौती जरूर आती है, लेकिन 18 अप्रैल के बाद उठान प्रक्रिया में तेजी आई है और अब प्रतिदिन करीब साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा रहा है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में न तो डिजिटल व्यवस्था थी और न ही पारदर्शिता। किसानों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था और भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में मंडियों में व्यवस्थाएं बेहतर हैं और किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो रही है।

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