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हरियाणा में जंगलों में अवैध गतिविधियों पर सख्ती, वन विभाग ने जुर्माना कई गुना बढ़ाया

पंचकूला, 24 मई (वेब वार्ता)। हरियाणा में जंगलों में बढ़ रही अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए वन विभाग ने जुर्माना कानून में बड़ा बदलाव किया है। विभाग ने अवैध कटान, खनन, चराई और वन उत्पाद चोरी जैसे मामलों में जुर्माने की राशि कई गुना बढ़ा दी है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय, पंचकूला की ओर से इस संबंध में सभी डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसरों को नए आदेश जारी किए गए हैं। वन विभाग के अनुसार यह संशोधन भारतीय वन अधिनियम की धारा-68 और हरियाणा फॉरेस्ट मैनुअल के नियमों के तहत किया गया है।

विभाग का कहना है कि जंगलों में लगातार बढ़ रहे अवैध कटान और खनन की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त आर्थिक दंड जरूरी हो गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2017 की तुलना में कई मामलों में जुर्माने की राशि पांच से दस गुना तक बढ़ाई गई है।

नए आदेश के अनुसार अवैध चराई पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। पहले भैंस या ऊंट की अवैध चराई पर अधिकतम 500 रुपये तक जुर्माना लगाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर तीन हजार रुपये तक कर दिया गया है। जंगल से घास या लकड़ी काटने पर एक ट्रक लोड के लिए पहले दो हजार रुपये तक जुर्माना था, जिसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक कर दिया गया है।

अवैध खनन के मामलों में भी कार्रवाई कठोर की गई है। पहले ट्रक पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाता था, जबकि अब यह राशि 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है। जेसीबी मशीन जब्त होने की स्थिति में जुर्माना एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दिया गया है।

वन भूमि को नुकसान पहुंचाने के मामलों में भी विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर सीमा और राजमार्ग किनारे वन भूमि तोड़ने पर अब 500 रुपये प्रति वर्गमीटर की जगह 2000 रुपये प्रति वर्गमीटर तक जुर्माना वसूला जाएगा।

वन विभाग ने रात के समय अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ और सख्त प्रावधान किए हैं। आदेश के अनुसार यदि कोई व्यक्ति वन क्षेत्र में रात के समय अवैध गतिविधि करते पकड़ा जाता है तो उस पर सामान्य से दोगुना जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके अलावा बांस की अवैध कटाई पर प्रति बांस 200 रुपये, कोयला बनाने की भट्ठी पर 50 हजार रुपये तथा पेड़ों से गोंद निकालने पर प्रति पेड़ 500 रुपये जुर्माना तय किया गया है। कुल्हाड़ी, आरी और अन्य उपकरण जब्त होने पर 200 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।

वाहनों के संबंध में भी नए दंड निर्धारित किए गए हैं। मोटरसाइकिल जब्त होने पर 30 हजार रुपये, ट्रैक्टर पर 60 हजार रुपये और डंपर जब्ती की स्थिति में 1.25 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा।

वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि नए प्रावधानों से जंगलों में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

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