धर्मस्थल मामला: एसआईटी में होंगे 20 पुलिस अधिकारी

-शवों को दफनाने के सनसनीखेज दावे की जांच तेज

बेंगलुरु, (वेब वार्ता)। कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल ‘धर्मस्थल’ में महिलाओं और लड़कियों के लापता होने, बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर आरोपों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) में कुल 20 पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं।

पुलिस महानिदेशक एम.ए. सलीम द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, एसआईटी का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी सी.ए. साइमन करेंगे। उनके साथ दो पुलिस उपाधीक्षक (डीवाईएसपी), पांच निरीक्षक, सात उप निरीक्षक, एक सहायक उप निरीक्षक और चार हेड कांस्टेबल भी इस टीम का हिस्सा होंगे।

यह कठोर कदम उस वक्त उठाया गया जब एक नगर निकाय कर्मचारी ने दावा किया कि उसने धर्मस्थल कस्बे में सैकड़ों युवतियों और महिलाओं के शवों को दफनाया है। इस सनसनीखेज बयान के बाद राज्य भर में रोष और चिंता फैल गई। सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग उठाई।

राज्य सरकार ने जनभावनाओं और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को एसआईटी के गठन की घोषणा की थी। इस दल को जांच के दौरान सभी आवश्यक कानूनी अधिकार और संसाधन मुहैया कराए जाएंगे ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।

धर्मस्थल एक धार्मिक स्थल के रूप में व्यापक रूप से जाना जाता है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं। ऐसे में इस स्थान से जुड़े ऐसे गंभीर आरोपों ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है।

जांच की निगरानी और पारदर्शिता को लेकर उम्मीदें:
इस संवेदनशील मामले में आमजन, मीडिया और मानवाधिकार संगठनों की नजरें एसआईटी की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को न्याय मिलेगा।

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