लंदन, 20 जुलाई (वेब वार्ता)। लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए तीसरे और निर्णायक एकदिवसीय मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 27 रन से पराजित कर तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से अपने नाम कर ली। 388 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम निर्धारित 50 ओवर में 360 रन ही बना सकी। रोहित शर्मा के शानदार शतक और विराट कोहली के अर्धशतक के बावजूद भारत ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल करने से चूक गया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने बेन डकेट की 141 रन की शानदार पारी, जैकब बेथेल के 91 रन और जो रूट के नाबाद 74 रन की बदौलत छह विकेट पर 387 रन का विशाल स्कोर बनाया। अंतिम ओवरों में जोस बटलर ने मात्र 13 गेंदों में 41 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उल्लेखनीय है कि पूरी श्रृंखला में जो रूट एक भी बार आउट नहीं हुए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 147 रन की साझेदारी की। शुभमन गिल ने 84 गेंदों में 77 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और एक छक्का शामिल रहा।
इसके बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली ने दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर भारत को जीत की मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दोनों खिलाड़ियों ने अपने संयुक्त 400वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 21वीं शतकीय साझेदारी की। रोहित शर्मा ने 110 गेंदों पर 138 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 17 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। यह लॉर्ड्स मैदान पर किसी भारतीय बल्लेबाज का पहला शतक भी रहा।
रोहित शर्मा के आउट होने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। विराट कोहली ने 60 गेंदों में 74 रन बनाकर संघर्ष जारी रखा, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। ईशान किशन 14 रन और श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। विराट कोहली के आउट होते ही भारत की जीत की उम्मीदें भी समाप्त हो गईं।
निचले क्रम में केएल राहुल 12 रन, अक्षर पटेल दो रन ही बना सके। गुरनूर बराड़ ने 18 रन और अर्शदीप सिंह ने छह गेंदों में नाबाद 15 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
इंग्लैंड की ओर से कप्तान हैरी ब्रूक ने शानदार रणनीति अपनाई। उन्होंने गेंदबाजों का प्रभावी उपयोग किया और विशेष रूप से जैकब बेथेल से सात ओवर का सफल गेंदबाजी स्पैल कराया, जिसने भारतीय बल्लेबाजी की लय को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट क्षेत्ररक्षण करते हुए कई महत्वपूर्ण रन बचाए, जो अंततः टीम की जीत का बड़ा कारण बना।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला 2-1 से अपने नाम कर ली, जबकि भारत ऐतिहासिक लक्ष्य का सफल पीछा करने का अवसर गंवा बैठा।




