सक्ती, 20 सितंबर (वेब वार्ता)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की चंद्रपुर तहसील क्षेत्र स्थित एक सरकारी विद्यालय में पदस्थ शिक्षक कैलाश पटेल की कार्यशैली और आचरण को लेकर ग्रामीणों एवं पालकों ने कलेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं ने शिक्षक पर विद्यार्थियों की पढ़ाई के प्रति लापरवाही बरतने, विद्यालयीन समय में मोबाइल फोन में व्यस्त रहने और बच्चों के साथ कथित अभद्र व्यवहार करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत में एक छात्रा द्वारा शिक्षक पर कॉपी जांच कराने के दौरान कथित रूप से अनुचित तरीके से छूने का आरोप लगाए जाने का भी उल्लेख है। ग्रामीणों और पालकों ने मामले की निष्पक्ष, तथ्यात्मक एवं संवेदनशील जांच कराए जाने तथा आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
विद्यालय में पढ़ाई पर ध्यान नहीं देने का आरोप
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, शिक्षक कैलाश पटेल विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते और अधिकांश समय मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक के इस रवैये के कारण विद्यालय की अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शिकायत में विद्यालय में कार्यरत महिला सफाईकर्मी के साथ शिक्षक के कथित अनुचित व्यवहार को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
छात्रा ने लगाया अनुचित स्पर्श का आरोप
मामले में एक छात्रा ने भी शिक्षक के व्यवहार को लेकर अपनी शिकायत सामने रखी है। छात्रा के अनुसार, शिक्षक पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते हैं और कॉपी जांच कराने के लिए जाने पर उसे कथित रूप से गलत तरीके से छूते हैं।
छात्रा द्वारा लगाए गए इस आरोप को गंभीरता से लेते हुए मामले की संवेदनशील और तथ्यात्मक जांच की आवश्यकता है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल चलाने का आरोप
विद्यालय से जुड़े लोगों का आरोप है कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने पर ध्यान नहीं देते और अक्सर मोबाइल फोन चलाते रहते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि शिक्षक और महिला सफाईकर्मी के एक साथ बैठे रहने को लेकर बच्चे अपनी आपत्तियां व्यक्त करते हैं।
आरोप है कि जब विद्यार्थी शिक्षक से पढ़ाने के लिए कहते हैं तो उन्हें कथित तौर पर फटकार लगाई जाती है। ग्रामीणों ने इन सभी आरोपों की जांच कर वास्तविक तथ्यों का पता लगाने की मांग की है।
पूर्व पदस्थापना को लेकर भी शिकायत
ग्रामीणों ने शिकायत पत्र में शिक्षक की पूर्व पदस्थापना का भी उल्लेख किया है। उनका दावा है कि कैलाश पटेल पहले किसी अन्य विद्यालय में पदस्थ थे, जहां भी उनके आचरण को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इसके बाद उनका स्थानांतरण किया गया था।
हालांकि, पूर्व पदस्थापना और उससे जुड़ी शिकायतों के संबंध में स्वतंत्र रूप से पुष्टि किया जाना अभी बाकी है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों एवं पालकों ने कलेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित विद्यार्थियों, अभिभावकों, विद्यालय के कर्मचारियों और शिक्षक के बयान दर्ज कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल मामले में प्रशासनिक जांच और संबंधित अधिकारियों के निर्णय का इंतजार है।




