फीफा विश्व कप, 16 जून (वेब वार्ता)। फीफा विश्व कप 2026 के पांचवें दिन फुटबॉल प्रेमियों को एक ऐसा संयोग देखने को मिला, जिसने इतिहास के पन्नों को फिर से जीवंत कर दिया। दिन भर खेले गए सभी चार मुकाबले बराबरी पर समाप्त हुए। विश्व कप इतिहास में 68 वर्ष बाद ऐसा अवसर आया है, जब एक ही दिन में चार मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकल सका। इससे पहले वर्ष 1958 में ऐसा दुर्लभ संयोग दर्ज किया गया था।
दिन के सबसे चर्चित मुकाबले में विश्व फुटबॉल की ताकतवर टीम स्पेन को टूर्नामेंट में पदार्पण कर रही केप वर्डे ने गोलरहित बराबरी पर रोक दिया। अटलांटा में खेले गए इस मुकाबले में स्पेन ने लगातार आक्रमण किए, लेकिन केप वर्डे की सुदृढ़ रक्षापंक्ति और अनुभवी गोलरक्षक वोजिन्हा के शानदार प्रदर्शन के सामने वह गोल करने में नाकाम रही। केप वर्डे के लिए यह परिणाम किसी जीत से कम नहीं माना जा रहा है।
ईरान ने दिखाई जुझारू वापसी
ग्रुप जी के मुकाबले में ईरान और न्यूजीलैंड के बीच रोमांच अपने चरम पर रहा। न्यूजीलैंड ने दो बार बढ़त बनाई, लेकिन ईरानी खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी और दोनों अवसरों पर शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को 2-2 की बराबरी पर समाप्त कराया। इस परिणाम ने ईरान के संघर्षशील जज्बे और दबाव में खेलने की क्षमता को उजागर किया।
मिस्र ने बेल्जियम को चौंकाया
मिस्र और बेल्जियम के बीच खेले गए मुकाबले में भी कड़ा संघर्ष देखने को मिला। मिस्र ने इमाम अशौर के गोल की बदौलत बढ़त हासिल कर बेल्जियम पर दबाव बनाया। हालांकि, बाद में आत्मघाती गोल के कारण बेल्जियम को बराबरी का अवसर मिल गया और मुकाबला 1-1 से समाप्त हुआ। इस परिणाम ने मिस्र की प्रतिस्पर्धी क्षमता का परिचय दिया और बेल्जियम की चुनौतियां भी बढ़ा दीं।
सऊदी अरब ने उरुग्वे को रोका
मियामी में खेले गए ग्रुप एच के मुकाबले में सऊदी अरब ने उरुग्वे के खिलाफ दमदार खेल का प्रदर्शन किया। सऊदी अरब ने पहले बढ़त बनाई, लेकिन उरुग्वे ने जवाबी हमला करते हुए बराबरी हासिल कर ली। मुकाबला 1-1 से समाप्त हुआ। इस मैच में उरुग्वे के अनुभवी गोलरक्षक फर्नांडो मुस्लेरा ने विश्व कप इतिहास में सबसे उम्रदराज खिलाड़ियों में शामिल होकर एक नया कीर्तिमान भी अपने नाम किया।
केप वर्डे ने रचा इतिहास
पांचवें दिन का सबसे बड़ा उलटफेर केप वर्डे के नाम रहा। विश्व कप में पहली बार हिस्सा ले रही इस अफ्रीकी टीम ने यूरोपीय दिग्गज स्पेन को गोल करने का कोई अवसर नहीं दिया। 40 वर्षीय गोलरक्षक वोजिन्हा ने कई शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम को ऐतिहासिक अंक दिलाया। इस ड्रॉ के साथ केप वर्डे ने विश्व कप इतिहास में अपना पहला अंक अर्जित किया और फुटबॉल जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया।
विश्व कप के शुरुआती चरण में सामने आए इन अप्रत्याशित परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार कोई भी टीम आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं है। छोटे और बड़े देशों के बीच का अंतर मैदान पर लगातार कम होता दिखाई दे रहा है। ऐसे में आगामी मुकाबलों में प्रतिस्पर्धा और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।




