नई दिल्ली | विज्ञान डेस्क | वेब वार्ता
Strawberry Moon 2026 सोमवार 29 जून और मंगलवार 30 जून की रात भारतीय आकाश में एक मनमोहक नजारा पेश करेगा। उत्तरी गोलार्ध में ग्रीष्म ऋतु के पहले पूर्ण चंद्रमा के रूप में पहचाने जाने वाले इस चंद्रमा की पूर्ण कला (पूर्णिमा) 30 जून की सुबह लगभग 5:27 बजे (IST) होगी। हालांकि 29 जून की शाम चंद्रोदय के कुछ देर बाद ही यह लगभग पूर्ण और बेहद चमकदार दिखाई देगा। क्षितिज के पास इसका सुनहरा-नारंगी रंग और आकार इसे इस वर्ष के सबसे आकर्षक खगोलीय दृश्यों में से एक बनाता है।
- 29 और 30 जून की रात भारतीय आकाश में दिखाई देगा स्ट्रॉबेरी मून।
- पूर्णिमा 30 जून सुबह लगभग 5:27 बजे (IST) होगी।
- 29 जून की शाम चंद्रोदय के बाद शानदार दृश्य देखने को मिलेगा।
- चंद्रमा का नाम स्ट्रॉबेरी के मौसम से जुड़ी परंपरा पर आधारित है।
- क्षैतिज के पास चंद्रमा बड़ा और सुनहरा दिखाई दे सकता है।
- खुले आसमान और कम रोशनी वाले स्थान से सबसे बेहतर नजारा मिलेगा।
Strawberry Moon 2026 नाम क्यों पड़ा?
स्ट्रॉबेरी मून नाम उत्तर अमेरिका के मूल निवासी समुदायों, विशेष रूप से अल्गोंक्विन परंपरा से जुड़ा है। जून के महीने में जंगली स्ट्रॉबेरी पकने और उनकी कटाई शुरू होने के कारण इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। इसका अर्थ यह नहीं है कि चंद्रमा वास्तव में गुलाबी या लाल रंग का होता है।
भारतीय परंपरा में यह पूर्णिमा ज्येष्ठ पूर्णिमा के रूप में जानी जाती है। हिंदू संस्कृति में पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है तथा इस दिन पूजा, ध्यान और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना जाता है।
Strawberry Moon 2026 से जुड़ी प्रमुख जानकारी
| मुख्य तथ्य | विवरण |
|---|---|
| घटना | स्ट्रॉबेरी मून 2026 |
| मुख्य तिथि | 29-30 जून 2026 |
| पूर्णिमा का समय | 30 जून, सुबह लगभग 5:27 बजे (IST) |
| सबसे अच्छा समय | 29 जून, सूर्यास्त के तुरंत बाद |
| देखने की दिशा | दक्षिण-पूर्व क्षितिज |
स्ट्रॉबेरी मून देखने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
खगोल प्रेमियों को सलाह दी जाती है कि वे 29 जून की शाम सूर्यास्त के तुरंत बाद दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर देखें। शहर की तेज रोशनी से दूर किसी खुले स्थान जैसे छत, पार्क, समुद्र तट या खेत से यह दृश्य अधिक स्पष्ट दिखाई देगा।
हालांकि यह नजारा नंगी आंखों से भी बेहद सुंदर दिखाई देगा, लेकिन यदि आपके पास बाइनोकुलर या टेलीस्कोप है तो चंद्रमा की सतह के गड्ढों और अन्य विशेषताओं को और स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
आने वाली पूर्णिमाओं पर भी रहेगी नजर
यदि किसी कारणवश स्ट्रॉबेरी मून देखने का अवसर छूट जाए तो खगोल प्रेमियों के लिए आगे भी कई रोचक पूर्णिमाएं आने वाली हैं। जुलाई के अंत में बक मून (Buck Moon) और अगस्त के अंत में स्टर्जन मून (Sturgeon Moon) दिखाई देंगे, जिनके नाम भी विभिन्न संस्कृतियों की मौसमी परंपराओं से जुड़े हुए हैं।
स्ट्रॉबेरी मून केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि प्रकृति की सुंदरता का ऐसा दृश्य है जो दुनिया भर के लोगों को एक साथ आकाश की ओर देखने के लिए प्रेरित करता है।




