हरदोई | लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
Hardoi Farmer Electrocution का दर्दनाक मामला हरदोई के मझिला थाना क्षेत्र के नगरिया गांव में सामने आया है, जहां धान की रोपाई के दौरान करंट लगने से एक किसान की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक किसान के परिजनों को मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
- नगरिया गांव में धान रोपाई के दौरान किसान की करंट लगने से मौत।
- मृतक की पहचान आजाद उर्फ बटेश्वर पुत्र नन्दराम उर्फ नंदकिशोर के रूप में हुई।
- ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।
- घटना के विरोध में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया गया।
- ग्रामीणों ने मुआवजा, सरकारी नौकरी और कार्रवाई की मांग उठाई।
- प्रशासन ने जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
Hardoi Farmer Electrocution हादसा कैसे हुआ?
जानकारी के अनुसार नगरिया गांव निवासी आजाद उर्फ बटेश्वर रविवार को अपने खेत में धान की रोपाई करा रहे थे। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए। खेत में मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। किसान की असमय मौत से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया।
घटना से जुड़े प्रमुख तथ्य
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| घटना | धान रोपाई के दौरान करंट लगने से किसान की मौत |
| स्थान | नगरिया गांव, मझिला थाना क्षेत्र, हरदोई |
| मृतक | आजाद उर्फ बटेश्वर |
| ग्रामीणों की मांग | मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों पर कार्रवाई |
| प्रशासन की कार्रवाई | जांच शुरू, पुलिस बल तैनात |
ग्रामीणों ने लगाया जाम, प्रशासन ने किया समझाने का प्रयास
घटना से नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मृतक किसान के परिवार को आर्थिक सहायता, सरकारी मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग की।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही शाहाबाद और मझिला थाने की पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता कर निष्पक्ष जांच और शासन स्तर से मिलने वाली हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
जांच रिपोर्ट पर टिकी सभी की नजर
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी निष्पक्षता से कराई जाएगी तथा पीड़ित परिवार को शासन की ओर से मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।




