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मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहली मुलाकात, तमिलनाडु के मुद्दों पर सौंपा ज्ञापन

नई दिल्ली/चेन्नई, 27 मई (वेब वार्ता)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में तमिलनाडु से जुड़े कई लंबित और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए राज्य के विकास, जल विवाद, मछुआरों की सुरक्षा तथा सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विषयों पर केंद्र सरकार के सहयोग की अपेक्षा जताई।

दिल्ली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सबसे पहले केंद्रीय दिल्ली स्थित तमिलनाडु भवन पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम में हुई। दोनों नेताओं के बीच लगभग 25 मिनट तक चर्चा चली। बैठक के बाद वार्ता के सभी विवरण आधिकारिक रूप से सामने नहीं आए, हालांकि सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के कई अहम मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया।

cm-joseph-vijay-first-meeting-pm-modi-tamil-nadu-issuesबैठक के दौरान सबसे प्रमुख विषय कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना रहा। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की सहमति के बिना इस परियोजना को मंजूरी न दी जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण और उच्चतम न्यायालय के पूर्व निर्णयों की भावना के विपरीत मानी जा रही है तथा इससे किसानों में चिंता बढ़ सकती है।

मुख्यमंत्री ने यह भी आग्रह किया कि केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल आयोग को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि संबंधित राज्यों की सहमति के बिना परियोजना को आगे न बढ़ाया जाए। उनका कहना था कि कर्नाटक की ओर से भूमि पूजन की घोषणा ने तमिलनाडु में व्यापक चिंता पैदा की है।

सांस्कृतिक और प्रशासनिक विषयों को भी मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा। उन्होंने तमिलनाडु के राज्य गीत ‘तमिल थाई वझथु’ को सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में गाए जाने की परंपरा बनाए रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में जारी केंद्रीय अधिसूचना के बाद राज्य में इस विषय को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जबकि तमिलनाडु में लंबे समय से सरकारी कार्यक्रमों का प्रारंभ राज्य गीत से होता रहा है।

रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री ने चर्चा की। उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास से संबंधित संस्थानों और परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए ‘सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स’ को तमिलनाडु में स्थापित करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री का कहना था कि इससे राज्य में तकनीकी निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में श्रीलंका में बंद तमिलनाडु के मछुआरों का विषय भी प्रमुख रहा। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि तमिलनाडु के अनेक मछुआरे श्रीलंका की जेलों में बंद हैं तथा उनकी नौकाएं जब्त कर ली गई हैं। उन्होंने मछुआरों की सुरक्षित वापसी और नौकाओं की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार से प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री बनने पर सी. जोसेफ विजय को पहले ही शुभकामनाएं दी थीं। मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में तमिलनाडु के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों की बात कही थी।

सिनेमा जगत से राजनीति में आए सी. जोसेफ विजय ने दो वर्ष पूर्व अपनी राजनीतिक पार्टी के साथ सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया था। तमिलनाडु में गठबंधन सरकार के नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने के बाद से वह लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। हाल के महीनों में उनके कई प्रशासनिक निर्णयों और जनसंपर्क शैली को लेकर व्यापक चर्चा रही है।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की यह दिल्ली यात्रा राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार तमिलनाडु की मांगों और मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए मुद्दों पर आगे क्या कदम उठाती है।

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