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दिल्ली दौरे पर विजय, मोदी समेत शीर्ष नेताओं को सौंपेंगे तमिलनाडु से जुड़े मुद्दों का ज्ञापन

चेन्नई, 27 मई (वेब वार्ता)। तमिलगा वेट्री कषगम के संस्थापक-अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय अपनी पहली आधिकारिक दिल्ली यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे। राजनीतिक दृष्टि से इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्य में गठबंधन सरकार के गठन के लगभग दो सप्ताह बाद हो रही यह यात्रा प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अहम मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि विजय केंद्र सरकार के समक्ष तमिलनाडु की वित्तीय, शैक्षिक और विकास संबंधी आवश्यकताओं को प्रमुखता से उठाएंगे।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक प्रधानमंत्री आवास पर निर्धारित है। इस मुलाकात में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता, लंबित स्वीकृतियों और राज्य को मिलने वाली बकाया धनराशि के मुद्दे प्रमुख रहेंगे। मुख्यमंत्री स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत लंबित राशि जारी करने की मांग भी रखेंगे, क्योंकि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद चार जून से विद्यालय पुनः खुलने वाले हैं।

विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद उन्होंने विधानसभा में विश्वास मत प्राप्त कर अपनी सरकार का बहुमत सिद्ध किया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार उनकी सरकार के गठन ने राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत की है और लंबे समय से चली आ रही दो प्रमुख द्रविड़ दलों की राजनीतिक प्रधानता को चुनौती दी है।

दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। इसके अतिरिक्त वह सहयोगी दलों और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से शिष्टाचार भेंट करेंगे। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित वाम दलों के नेता शामिल बताए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के समक्ष राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को उठाने की तैयारी में हैं। इनमें विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता, विभिन्न परियोजनाओं की लंबित स्वीकृतियां और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही कपास पर मौजूदा आयात शुल्क को समाप्त करने की मांग भी रखी जाएगी, ताकि वस्त्र और परिधान उद्योग को राहत मिल सके तथा निर्यात और रोजगार को बढ़ावा दिया जा सके।

कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दे भी इस दौरे के एजेंडे में शामिल हैं। मुख्यमंत्री आगामी खरीफ मौसम के लिए उर्वरकों, विशेष रूप से यूरिया और डीएपी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग कर सकते हैं। राज्य सरकार का मानना है कि खेती के बढ़ते दायरे के कारण आने वाले समय में उर्वरकों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार विजय कर्नाटक से जुड़े मेकेदातु बांध विवाद, दो-भाषा नीति और केंद्र की ‘पीएमश्री’ योजना से जुड़े मुद्दों पर भी अपना पक्ष रख सकते हैं। तमिलनाडु सरकार पहले ही तीन-भाषा व्यवस्था को लेकर अपनी असहमति जता चुकी है। इसके अलावा श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिल मछुआरों की गिरफ्तारी और ‘कच्चाथीवू’ द्वीप से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है।

दिल्ली यात्रा के दौरान विजय जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में तमिल संत और कवि तिरुवल्लुवर की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। उनके गुरुवार को चेन्नई लौटने की संभावना है।

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