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Kolkata Taratala Building Collapse: तारातला हादसे में मृतकों की संख्या 15 पहुंची, निर्माणाधीन इमारतों का होगा ऑडिट

नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

Kolkata Taratala Building Collapse में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। इस हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। राज्य सरकार ने कोलकाता नगर निगम सहित आसपास के कई शहरी क्षेत्रों में निर्माणाधीन भवनों का विशेष ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। साथ ही हादसे से जुड़े आर्किटेक्ट, इंजीनियर और प्लानर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार ने भविष्य में आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए 200 सदस्यीय विशेष बचाव दल गठित करने का भी फैसला किया है।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • तारातला बिल्डिंग हादसे में मृतकों की संख्या 15 हुई।
  • निर्माणाधीन इमारतों का व्यापक ऑडिट कराया जाएगा।
  • 11 सदस्यीय ऑडिट समिति ने कार्य शुरू किया।
  • हादसे से जुड़े आर्किटेक्ट, इंजीनियर और प्लानर ब्लैकलिस्ट किए गए।
  • 200 सदस्यीय विशेष बचाव दल गठित करने का फैसला।
  • अन्य परियोजनाओं में लापरवाही मिलने पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

Kolkata Taratala Building Collapse के बाद सरकार ने क्या फैसले लिए?

राज्य सरकार ने कोलकाता नगर निगम के अलावा बिधाननगर, एनकेडीए, पूजाली, बजबज, महेशतला, राजपुर-सोनारपुर, दक्षिण दमदम, बरानगर और कामारहाटी नगर क्षेत्रों की निर्माणाधीन इमारतों का विशेष ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश पांडे की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसने अपना कार्य शुरू कर दिया है।

सरकार का कहना है कि ऑडिट के दौरान निर्माण मानकों और सुरक्षा नियमों का विशेष रूप से परीक्षण किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

हादसे के बाद किन लोगों पर कार्रवाई हुई?कोलकाता नगर निगम ने हादसे से जुड़े आर्किटेक्ट, इंजीनियर और प्लानर को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान किसी अन्य निर्माण परियोजना में भी इसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित पेशेवरों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

हादसे से जुड़े प्रमुख तथ्य

मुख्य बिंदुविवरण
घटनातारातला बिल्डिंग हादसा
मृतकों की संख्या15
ऑडिट समिति11 सदस्यीय समिति
कार्रवाईआर्किटेक्ट, इंजीनियर और प्लानर ब्लैकलिस्ट
नई पहल200 सदस्यीय विशेष बचाव दल का गठन

विशेष बचाव दल क्यों बनाया जाएगा?

सरकार ने भविष्य में किसी भी आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एनडीआरएफ की तर्ज पर 200 सदस्यीय विशेष बचाव दल गठित करने का निर्णय लिया है। इस दल में पर्वतीय क्षेत्रों और सुंदरबन क्षेत्र से प्रशिक्षित कर्मियों को शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा राज्य के अग्निशमन विभाग के कर्मियों को भी इस विशेष टीम का हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

इस फैसले का आगे क्या असर पड़ेगा?निर्माणाधीन इमारतों के व्यापक ऑडिट और जिम्मेदार पेशेवरों के खिलाफ कार्रवाई से भवन निर्माण में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही विशेष बचाव दल के गठन से भविष्य में राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता भी मजबूत होगी।

जांच रिपोर्ट पर रहेगी नजर

हादसे की विस्तृत जांच जारी है और ऑडिट समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

नोट: उपलब्ध इनपुट में अंतिम पंक्ति में “पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी” का उल्लेख है, जबकि यह पदनाम तथ्यात्मक रूप से मेल नहीं खाता। इसलिए इस लेख में उस दावे को बिना सत्यापित दोहराया नहीं गया है।

 

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