नई दिल्ली, 04 जून (वेब वार्ता)। दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी होटल मालिक लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस बीच हादसे की जांच तेज कर दी गई है और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है।
गुरुवार को फोरेंसिक दल घटनास्थल पर पहुंचा और आग लगने के कारणों की पड़ताल शुरू की। इसी दौरान क्षेत्र में तेज बारिश और आंधी-तूफान के कारण होटल भवन से टूटे हुए शीशे, साइन बोर्ड और अन्य मलबा नीचे गिरने लगा। अचानक मलबा गिरने से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षित दूरी पर जाना पड़ा। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
अग्निकांड में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ गई है। मैक्स अस्पताल में उपचार के दौरान अशोक (56), विवेक अग्रवाल (47), तुल्किनोव खपुमेइयुम (40), मखपिरात खोन कोचकारोवा (75), प्रेम लता (70) और कमला देवी (52) की मृत्यु हो गई। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे में जान गंवाने वाले गुरुग्राम निवासी विवेक अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्यों का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शवों को एंबुलेंस के माध्यम से अंतिम संस्कार के लिए रवाना किया गया। गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित उनके आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। परिवार ने मीडिया से निजी क्षणों का सम्मान करने की अपील भी की है।
राहत एवं बचाव कार्य के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के 10 जवानों को उपचार के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के ट्रॉमा सेंटर से छुट्टी दे दी गई है। वहीं आग में झुलसे दो बांग्लादेशी नागरिकों को बेहतर उपचार के लिए मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन ने अग्निकांड में मारे गए विदेशी नागरिकों की पहचान भी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार मृत विदेशी नागरिक 11 अलग-अलग देशों से संबंधित हैं। होटल में उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान की गई है और संबंधित देशों के दूतावासों से संपर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
घटना के एक दिन बाद होटल और उसके आसपास का इलाका पूरी तरह शांत दिखाई दिया। जिस इमारत से बुधवार को चीख-पुकार और मदद की गुहार सुनाई दे रही थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। होटल की इमारत बुरी तरह झुलस चुकी है, जबकि आसपास के क्षेत्र में आग के निशान और क्षतिग्रस्त सामान हादसे की भयावहता को दर्शा रहे हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साकेत स्थित मैक्स अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और चिकित्सकों से उपचार की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए अधिकारियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस, फोरेंसिक विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम अग्निकांड के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच में जुटी हुई है।




