नई दिल्ली, 20 मई (वेब वार्ता)। दिल्ली पुलिस की साइबर शाखा को ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर पुलिस स्टेशन ने कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने के बावजूद संगठित साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह नकली ऑनलाइन निवेश मंच तैयार कर लोगों को अधिक लाभ का झांसा देता था। इसी तरीके से एक शिकायतकर्ता से 24 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि केवल 14 दिनों के भीतर गिरोह से जुड़े बैंक खातों में 4.5 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन से संबंधित 60 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई थीं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह की गतिविधियों के तार विदेश तक जुड़े हुए थे और इसके कुछ संपर्क कंबोडिया से संबंधित पाए गए। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई शुरू की।
दिल्ली पुलिस की टीमों ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में छापेमारी की। इस दौरान आठ मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए, जिनकी जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड से गिरोह के नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की परतें खुलने की उम्मीद है।
गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब के मोहाली निवासी हरमनजोत सिंह और कैसर मसूदी शामिल हैं। हरमनजोत सिंह ने साइबर सुरक्षा में डिप्लोमा किया है, जबकि कैसर मसूदी प्रबंधन शिक्षा प्राप्त है। इसके अलावा हरियाणा के पानीपत निवासी अभिषेक, दिल्ली के जाफराबाद निवासी मो. ज़ाहिद और आमिर मलिक को भी गिरफ्तार किया गया है।
मध्य प्रदेश से जबलपुर निवासी अमरजीत अहिरवार, आलोक शर्मा और रीवा निवासी अनंत पांडे को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। आलोक शर्मा और अनंत पांडे तकनीकी शिक्षा प्राप्त बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि यह दर्शाती है कि साइबर अपराध में तकनीकी दक्षता का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं तथा देशभर में कितने लोगों को इस नेटवर्क ने निशाना बनाया। साइबर विशेषज्ञों ने भी लोगों को ऑनलाइन निवेश से पहले मंच की सत्यता जांचने और लालच भरे प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह दी है।




