रायपुर, 20 मई (वेब वार्ता)। छत्तीसगढ़ में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अधिक स्थानीय शुल्क देना होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थानीय फीस में बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया है, जिसके बाद हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर पर नई शुल्क दरें लागू होंगी।
विभागीय आदेश के अनुसार हाई स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों की स्थानीय फीस 410 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी गई है। इसी प्रकार हायर सेकेंडरी विद्यालयों के छात्रों को अब 445 रुपये के स्थान पर 550 रुपये शुल्क जमा करना होगा। इस संशोधन के बाद दोनों श्रेणियों के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ने की संभावना है।
नई शुल्क व्यवस्था केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्वामी आत्मानंद विद्यालयों और अनुदान प्राप्त स्कूलों में भी लागू की जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालयों के संचालन, रखरखाव और विभिन्न व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से फीस में यह संशोधन किया गया है।
प्रदेश में वर्तमान में लगभग 56 हजार विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें करीब 56 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें 44 लाख से अधिक छात्र सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में फीस बढ़ोतरी का प्रभाव बड़ी संख्या में परिवारों पर पड़ने की संभावना है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि संशोधित शुल्क से स्कूलों को अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे, जिससे बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। हालांकि, फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों और शिक्षा जगत में चर्चा भी तेज हो गई है, क्योंकि इससे सामान्य और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बढ़ सकता है।
आगामी सत्र से लागू होने वाली यह नई व्यवस्था अब शिक्षा और आर्थिक संतुलन के बीच बहस का विषय बनती दिखाई दे रही है। सरकार और शिक्षा विभाग की नजरें इस फैसले के प्रभाव और उससे मिलने वाले परिणामों पर टिकी रहेंगी।




