पन्ना, 20 मई (वेब वार्ता)। पन्ना जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। मडला थाना क्षेत्र में एक व्यापारी को कथित रूप से झूठे गांजा तस्करी मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे 95 हजार रुपये की अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगे हैं। शिकायत पुलिस अधीक्षक तक पहुंचने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार रीवा निवासी व्यापारी मोहनलाल सोनी 14 मई को अपने एक परिचित से मिलने पन्ना पहुंचे थे। बताया गया है कि महुदा क्षेत्र में मुलाकात के बाद वह एक पेट्रोल पंप के समीप अपनी मोटरसाइकिल के पास खड़े थे। इसी दौरान मडला थाना के दो आरक्षक वहां पहुंचे और वाहन जांच के नाम पर उन्हें रोक लिया।
व्यापारी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मोटरसाइकिल की डिग्गी में एक छोटा बैग रखकर उन पर गांजा रखने का आरोप लगाया और मादक पदार्थ कानून के तहत कार्रवाई की धमकी दी। शिकायत के अनुसार इस दौरान वहां एक स्थानीय शराब ठेके का प्रबंधक भी मौजूद था।
पीड़ित व्यापारी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसे डराकर एक लाख रुपये की मांग की। खुद को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए उसने अपने परिजनों से संपर्क किया और दो अलग-अलग खातों में 50 हजार तथा 45 हजार रुपये ऑनलाइन हस्तांतरित कराए। कुल 95 हजार रुपये मिलने के बाद उसे छोड़ दिए जाने का दावा किया गया है।
घटना के बाद व्यापारी रीवा लौट गया, लेकिन बाद में उसने हिम्मत जुटाकर पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक पन्ना से की। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए।
प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद महुदा थाना प्रभारी रचना पटेल तथा आरक्षक रज्जाक खान और रामशरण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच पन्ना के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है। विभाग अब पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर यह पता लगाने में जुटा है कि कथित अवैध वसूली में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
घटना सामने आने के बाद जिले में पुलिस व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल लोगों की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




