ललितपुर/नोएडा, आलोक चतुर्वेदी | वेब वार्ता
Asian Yoga Championship 2026 में नोएडा की युवा योग प्रतिभा खुशी मित्तल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत का गौरव बढ़ाया है। बजाज एनर्जी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमित मित्तल की पुत्री एवं लोटस वैली इंटरनेशनल स्कूल, नोएडा की छात्रा खुशी मित्तल ने नई दिल्ली में 21 और 22 जून को आयोजित एशियन योगा टीम चैंपियनशिप में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर प्रतियोगिता के सर्वोच्च सम्मान “चैंपियन ऑफ द चैंपियंस” का खिताब अपने नाम किया।
एशियन सिख गेम्स फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के प्रतिभागियों के बीच खुशी ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और योग कौशल का ऐसा प्रदर्शन किया कि निर्णायकों ने उन्हें प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया। उनकी इस उपलब्धि से नोएडा, उत्तर प्रदेश और पूरे देश में गर्व का माहौल है।
- खुशी मित्तल ने एशियन योगा टीम चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया
- आर्टिस्टिक सोलो और आर्टिस्टिक पेयर में जीते दो स्वर्ण पदक
- पारंपरिक आसन प्रतियोगिता में हासिल किया रजत पदक
- “चैंपियन ऑफ द चैंपियंस” का सर्वोच्च खिताब भी जीता
- लोटस वैली इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा हैं खुशी मित्तल
Asian Yoga Championship 2026 में चमकी खुशी मित्तल
नई दिल्ली में आयोजित एशियन योगा टीम चैंपियनशिप में खुशी मित्तल ने विभिन्न योग स्पर्धाओं में भाग लेते हुए अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, लेकिन भारतीय प्रतिभागी खुशी मित्तल ने अपनी तकनीक, संतुलन और प्रस्तुति के दम पर निर्णायकों को प्रभावित किया।
खुशी ने आर्टिस्टिक सोलो और आर्टिस्टिक पेयर वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। इसके अलावा पारंपरिक आसन प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल कर उन्होंने यह साबित किया कि वे योग की विभिन्न विधाओं में समान रूप से दक्ष हैं।
किन स्पर्धाओं में जीते पदक?
खुशी मित्तल ने प्रतियोगिता की तीन प्रमुख स्पर्धाओं में भाग लिया और सभी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आर्टिस्टिक सोलो और आर्टिस्टिक पेयर वर्ग में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि पारंपरिक आसन प्रतियोगिता में रजत पदक अपने नाम किया।
इन उपलब्धियों के आधार पर निर्णायक मंडल ने उन्हें प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित करते हुए “चैंपियन ऑफ द चैंपियंस” ट्रॉफी से सम्मानित किया।
| स्पर्धा | पदक |
|---|---|
| आर्टिस्टिक सोलो | स्वर्ण |
| आर्टिस्टिक पेयर | स्वर्ण |
| पारंपरिक आसन | रजत |
| विशेष सम्मान | चैंपियन ऑफ द चैंपियंस |
कोच और परिवार को दिया सफलता का श्रेय
अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी मित्तल ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कोच राखी सरकार के कुशल मार्गदर्शन, माता-पिता नम्रता मित्तल और अमित मित्तल के निरंतर सहयोग तथा अपनी कठिन मेहनत को दिया।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है और भविष्य में भी वह देश के लिए और अधिक उपलब्धियां हासिल करने का प्रयास करेंगी।
विद्यालय और बजाज एनर्जी परिवार में खुशी की लहर
खुशी मित्तल की इस सफलता से उनके परिवार, विद्यालय और बजाज एनर्जी परिवार में उत्साह का माहौल है। लोटस वैली इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षकों और सहपाठियों ने भी उन्हें बधाई दी है।
खेल एवं योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने उनकी उपलब्धि को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि समर्पण, अनुशासन और नियमित अभ्यास से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
भारतीय योग परंपरा को मिला नया गौरव
खुशी मित्तल की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह भारतीय योग परंपरा की वैश्विक प्रतिष्ठा को मजबूत करने वाली उपलब्धि भी है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ियों द्वारा लगातार बेहतर प्रदर्शन देश में योग के बढ़ते प्रभाव और उसकी स्वीकार्यता को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सफलताएं युवाओं को योग और खेलों की ओर प्रेरित करती हैं तथा भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाती हैं।
दो स्वर्ण, एक रजत पदक और “चैंपियन ऑफ द चैंपियंस” का खिताब जीतकर खुशी मित्तल ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय युवा प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी से कम नहीं हैं। उनकी यह उपलब्धि देशभर के युवा खिलाड़ियों और योग साधकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
📲 खेल, शिक्षा और प्रेरणादायक खबरें सबसे पहले पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें
ये भी पढ़ें: Delhi Cash Robbery Case: 500 CCTV कैमरे खंगाले, 4000 KM पीछा कर ₹1.5 करोड़ लूटकांड का खुलासा




