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ईरान युद्ध पर NATO से नाराज दिखे ट्रंप, सहयोग न मिलने पर जताई निराशा; मार्क रुटे ने संभाला मोर्चा

नई दिल्ली | अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

Trump NATO Iran को लेकर अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ बैठक के दौरान कहा कि अमेरिका ईरान के साथ वार्ता में अच्छी प्रगति कर रहा है, लेकिन ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में कई नाटो सहयोगियों के रवैये से वह निराश हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने अपने दम पर सैन्य अभियान में सफलता हासिल की, लेकिन सहयोगी देशों से राजनीतिक समर्थन की उम्मीद थी। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब 7-8 जुलाई को तुर्किये की राजधानी अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन आयोजित होना है।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप और नाटो प्रमुख मार्क रुटे की मुलाकात हुई।
  • ट्रंप ने ईरान युद्ध में सहयोग न मिलने पर कई नाटो देशों पर नाराजगी जताई।
  • मार्क रुटे ने कहा कि यूरोप स्थित अमेरिकी ठिकानों से हजारों सैन्य उड़ानों को सहयोग मिला।
  • ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को सैन्य मदद की जरूरत नहीं थी, लेकिन सहयोगियों का समर्थन अपेक्षित था।
  • 7-8 जुलाई को अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन होना है।
  • अमेरिका ने ईरान वार्ता में सकारात्मक प्रगति का दावा किया।

Trump NATO Iran: ट्रंप ने सहयोगी देशों पर जताई निराशा

व्हाइट हाउस में हुई बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में कई नाटो देशों ने अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बिना किसी बाहरी सैन्य सहायता के अपने अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, लेकिन सहयोगी देशों की ओर से सार्वजनिक समर्थन मिलता तो यह गठबंधन की एकजुटता का मजबूत संदेश होता।

ट्रंप ने कहा कि यदि कोई दूसरा देश ऐसी स्थिति में होता तो अमेरिका उसका पूरा समर्थन करता। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के शुरुआती सप्ताह में ही अमेरिकी सेना ने अपने प्रमुख सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया था।

क्या है पूरा मामला?ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान को लेकर नाटो के कई सदस्य देशों ने प्रत्यक्ष समर्थन से दूरी बनाए रखी। इसी मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप ने नाटो सहयोगियों के रवैये पर असंतोष व्यक्त किया। बैठक का उद्देश्य आगामी नाटो शिखर सम्मेलन से पहले दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना भी था।

मार्क रुटे ने दिया सहयोग का हवाला

नाटो महासचिव मार्क रुटे ने ट्रंप की नाराजगी को कम करने का प्रयास करते हुए कहा कि यूरोपीय सहयोगियों ने अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका का साथ दिया। उनके अनुसार ईरान अभियान के दौरान यूरोप स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों से लगभग 4,000 से 5,000 अमेरिकी विमान संचालित हुए, जो सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

रुटे ने कहा कि नाटो देशों का सहयोग केवल प्रत्यक्ष सैन्य भागीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि लॉजिस्टिक और संचालन संबंधी सहायता भी गठबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्य जानकारीविवरण
बैठकडोनाल्ड ट्रंप और मार्क रुटे
मुख्य मुद्दाईरान युद्ध और नाटो सहयोग
ट्रंप की शिकायतनाटो सहयोगियों का सीमित समर्थन
रुटे का जवाबयूरोपीय ठिकानों से अमेरिकी अभियानों को सहयोग मिला
अगला कार्यक्रम7-8 जुलाई, अंकारा नाटो शिखर सम्मेलन

नाटो शिखर सम्मेलन से पहले बढ़ी कूटनीतिक हलचल

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब नाटो के 32 सदस्य देशों के नेता जुलाई में अंकारा में होने वाले शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले हैं। सम्मेलन में रक्षा सहयोग, रक्षा खर्च और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा होने की संभावना है। ट्रंप की हालिया टिप्पणियों ने सम्मेलन से पहले गठबंधन के भीतर मतभेदों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

आगे क्या होगा?विशेषज्ञों का मानना है कि अंकारा में होने वाला नाटो शिखर सम्मेलन अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों के बीच मतभेद कम करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। ईरान, रक्षा सहयोग और भविष्य की रणनीति इस बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रह सकती है।

ईरान वार्ता पर जताया भरोसा

बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ जारी बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि उन्होंने वार्ता के विवरण साझा नहीं किए, लेकिन विश्वास जताया कि कूटनीतिक प्रयासों के अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं। वहीं नाटो नेतृत्व ने भी संवाद और गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया।

 

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