वॉशिंगटन/इस्लामाबाद, 04 अगस्त (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते को लेकर चल रही बातचीत पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि क्षेत्रीय देशों की मध्यस्थता से वार्ता आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस प्रक्रिया में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर की भूमिका का उल्लेख किया, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। इसके बाद पाकिस्तान की संभावित मध्यस्थ भूमिका को लेकर नई राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के अनुरोध पर बातचीत जारी है और क्षेत्रीय सहयोग से समाधान तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि उन्होंने पाकिस्तान का कोई उल्लेख नहीं किया।
पिछले कुछ समय से पाकिस्तान स्वयं को ईरान और अमेरिका के बीच संभावित मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश करता रहा है। हालांकि अब तक न तो अमेरिका और न ही ईरान की ओर से पाकिस्तान की किसी औपचारिक मध्यस्थ भूमिका की पुष्टि की गई है।
इस बीच कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि पाकिस्तान के माध्यम से चीन द्वारा ईरान को रक्षा उपकरण पहुंचाने की आशंका जताई गई है। इन रिपोर्टों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित देशों की ओर से भी इस विषय पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अमेरिका के कुछ वर्तमान और पूर्व नेताओं ने भी समय-समय पर पाकिस्तान की भूमिका को लेकर चिंता व्यक्त की है। हालांकि इन बयानों पर पाकिस्तान की ओर से अलग-अलग अवसरों पर अपना पक्ष रखा जाता रहा है।
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते पर सहमत होने के लिए अंतिम अवसर मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि समझौता नहीं होता है तो ईरान को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका समाधान चाहता है और संघर्ष से बचने के लिए वार्ता का रास्ता खुला रखना चाहता है।
हालांकि ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष वार्ता से इनकार किया है। तेहरान का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिका के साथ बातचीत का कोई प्रश्न नहीं उठता।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्रीय कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऐसे में अमेरिका, ईरान और खाड़ी देशों के बीच होने वाली आगामी वार्ताओं पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।




