ढाका, 31 जुलाई (वेब वार्ता)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित स्वदेश वापसी को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बांग्लादेश के कानून मंत्री एम. असदुज्जमां ने कहा है कि यदि शेख हसीना भारत से लौटती हैं तो कानून के अनुसार उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि एक बांग्लादेशी नागरिक होने के नाते उन्हें अपने देश लौटने का अधिकार प्राप्त है।
कानून मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करेगी और किसी भी प्रकार से कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, यदि शेख हसीना देश में प्रवेश करती हैं तो संबंधित प्रावधानों के तहत उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कानून के अनुरूप आत्मसमर्पण की प्रक्रिया उपलब्ध है, लेकिन सरकार आवश्यक कानूनी अधिकारों का उपयोग करेगी।
शेख हसीना ने जताई लौटने की इच्छा
यह बयान ऐसे समय आया है जब शेख हसीना ने हाल ही में एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में कहा कि वह संभावित जोखिमों के बावजूद अपने देश लौटना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा और कानूनी स्थिति का पूरा आभास है, फिर भी वह अपने समर्थकों और देशवासियों के आह्वान पर वापस लौटने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी, कारावास अथवा अपनी जान को खतरा होने की आशंका है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने देश लौटना चाहती हैं।
पासपोर्ट के सवाल पर मंत्री की प्रतिक्रिया
जब कानून मंत्री से पूछा गया कि अंतरिम सरकार द्वारा पासपोर्ट निरस्त किए जाने के बाद शेख हसीना बांग्लादेश कैसे लौटेंगी, तो उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विषय है। उन्होंने दोहराया कि जैसे ही वह बांग्लादेश के अधिकार क्षेत्र में प्रवेश करेंगी, कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार परिवर्तन के बाद बदले हालात
अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन और व्यापक हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। इसके बाद वह बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। बाद में अंतरिम सरकार के कार्यकाल में एक विशेष न्यायाधिकरण में उनके विरुद्ध विभिन्न मामलों की सुनवाई हुई।
न्यायाधिकरण के फैसले पर विवाद
वर्ष 2025 में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामलों में शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराधों का दोषी ठहराते हुए उनकी अनुपस्थिति में मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। हालांकि, इस न्यायिक प्रक्रिया पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल भी उठे हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच तथा संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने सुनवाई की निष्पक्षता और प्रक्रिया को लेकर चिंता व्यक्त की है।
प्रत्यर्पण की मांग पर भारत का रुख
बांग्लादेश की वर्तमान सरकार पिछले कुछ समय से भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। भारत ने इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह मामले का अध्ययन प्रचलित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कर रहा है। इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि शेख हसीना की संभावित वापसी पर राजनीतिक और कानूनी परिस्थितियों का भी प्रभाव हो सकता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।




