आइजोल | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Mizoram Tuberculosis Cases को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों (जनवरी से जून) के दौरान मिजोरम में 71 लोगों की तपेदिक (TB) से मौत हुई है, जबकि 1,087 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। राज्य टीबी अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक (टीबी) डॉ. जोछुआनावमी ने राज्य टीबी फोरम की बैठक में बताया कि इस अवधि में 61,246 संदिग्ध लोगों की जांच की गई, जिनमें 1,087 मामलों में टीबी की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, उपचार की सफलता दर 86.49 प्रतिशत रही है, लेकिन टीबी से होने वाली मौतों में पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है।
- जनवरी-जून 2026 में 1,087 नए टीबी मरीज मिले।
- इसी अवधि में टीबी से 71 लोगों की मौत दर्ज की गई।
- 61,246 संदिग्ध लोगों की टीबी जांच की गई।
- 47 मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (MDR-TB) मामले सामने आए।
- 92 मरीजों में TB-HIV सह-संक्रमण पाया गया।
- राज्य में उपचार सफलता दर 86.49 प्रतिशत रही।
Mizoram Tuberculosis Cases में क्या सामने आया?
राज्य टीबी फोरम की बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से जून के बीच कुल 1,087 लोगों में टीबी संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें 600 पुरुष, 445 महिलाएं और 14 वर्ष से कम आयु के 68 बच्चे शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, समय पर जांच और उपचार के बावजूद राज्य में टीबी से होने वाली मौतों की संख्या चिंता बढ़ा रही है।
राज्य में टीबी की स्थिति
| पैरामीटर | आंकड़ा |
|---|---|
| जांच किए गए संदिग्ध | 61,246 |
| पुष्टि किए गए टीबी मरीज | 1,087 |
| पुरुष मरीज | 600 |
| महिला मरीज | 445 |
| 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे | 68 |
| MDR-TB मामले | 47 |
| TB-HIV सह-संक्रमण | 92 |
| टीबी से मौतें | 71 |
| उपचार सफलता दर | 86.49% |
पिछले वर्षों में बढ़ी टीबी से मौतें
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मिजोरम में टीबी से होने वाली मौतों का ग्राफ लगातार ऊपर गया है। वर्ष 2020 में 31 मौतें दर्ज हुई थीं। इसके बाद 2021 में 46, 2022 में 87, 2023 में 119, 2024 में 136 और 2025 में 145 लोगों की मौत टीबी से हुई। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती मान रहे हैं।
| वर्ष | टीबी से मौतें |
|---|---|
| 2020 | 31 |
| 2021 | 46 |
| 2022 | 87 |
| 2023 | 119 |
| 2024 | 136 |
| 2025 | 145 |
फेफड़ों से जुड़ी टीबी के मामले सबसे अधिक
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कुल मामलों में लगभग 49 प्रतिशत मरीज पल्मोनरी (फेफड़ों की) टीबी से पीड़ित पाए गए। अधिकारियों ने लोगों से लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होने या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने और इलाज बीच में न छोड़ने की अपील की है।




