लखनऊ | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
NCERT Class 9 Syllabus में बड़ा बदलाव करते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने पहली बार 1975 के आपातकाल (Emergency) को कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक में शामिल किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत किए गए इस संशोधन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की समझ शुरुआती स्तर से विकसित करना है। नई पुस्तक ‘Understanding Society: India and Beyond’ में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है।
- NCERT ने पहली बार कक्षा 9 के पाठ्यक्रम में 1975 के आपातकाल को शामिल किया।
- नई पुस्तक का नाम ‘Understanding Society: India and Beyond’ रखा गया है।
- आपातकाल को “Major Challenge to Democracy” के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
- लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों पर विशेष फोकस रखा गया है।
- लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है।
- फेक न्यूज, मीडिया और नागरिक जिम्मेदारी जैसे नए विषय भी जोड़े गए हैं।
NCERT Class 9 Syllabus में Emergency अध्याय क्यों जोड़ा गया?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप स्कूली शिक्षा को अधिक समकालीन, विश्लेषणात्मक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। अब विद्यार्थियों को केवल ऐतिहासिक घटनाएं याद कराने के बजाय उनके संवैधानिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रभावों को भी समझाया जाएगा।
इससे पहले 1975 के आपातकाल का विस्तृत अध्ययन मुख्य रूप से कक्षा 12 की राजनीति विज्ञान की पुस्तकों तक सीमित था, लेकिन अब इसे कक्षा 9 से ही पढ़ाया जाएगा ताकि छात्र लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों के महत्व को बेहतर ढंग से समझ सकें।
नई किताब में Emergency अध्याय की प्रमुख बातें
| विषय | विवरण |
|---|---|
| नई पुस्तक | Understanding Society: India and Beyond |
| नीति | राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 |
| मुख्य विषय | 1975 का आपातकाल (Emergency) |
| विशेष उल्लेख | मौलिक अधिकार, प्रेस सेंसरशिप, विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी |
| प्रमुख व्यक्तित्व | लोकनायक जयप्रकाश नारायण |
| लोकतांत्रिक संदेश | 1977 चुनाव को लोकतंत्र की मजबूती का उदाहरण बताया गया |
नई किताब में और क्या-क्या जोड़ा गया?
नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में ‘Democracy and You’ नाम से नया सेक्शन जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को एक सक्रिय और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका समझाई जाएगी।
इसके अलावा फेक न्यूज, गलत सूचनाएं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, गरीबी, क्षेत्रवाद, लैंगिक असमानता और मीडिया की भूमिका जैसे समकालीन विषयों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। पुस्तक में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए उसकी जिम्मेदारियों पर भी प्रकाश डाला गया है।
लोकतंत्र की समझ को मिलेगा नया आयाम
NCERT के इस संशोधन का उद्देश्य छात्रों को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास, संवैधानिक मूल्यों और नागरिक भागीदारी के महत्व से प्रारंभिक स्तर पर परिचित कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के पाठ्यक्रम बदलाव छात्रों में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।
हालांकि पाठ्यक्रम में किए गए ऐसे बदलावों पर समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक और शैक्षिक दृष्टिकोण भी सामने आते रहे हैं। ऐसे में नई पुस्तक के लागू होने के बाद इसके प्रभाव पर भी व्यापक चर्चा होने की संभावना है।




