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Nirav Modi: लंदन कोर्ट का बड़ा झटका, बैंक ऑफ इंडिया को 100 करोड़ रुपये चुकाने का आदेश

लंदन | अंतरराष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

Nirav Modi को लंदन की सर्किट कमर्शियल कोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी को बैंक ऑफ इंडिया को लगभग 100 करोड़ रुपये (10.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह राशि वर्ष 2012 में दुबई स्थित उसकी कंपनी फायरस्टार डायमंड को दिए गए ऋण, उस पर देय ब्याज और कानूनी खर्चों से संबंधित है। अदालत ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत गारंटी देने के कारण नीरव मोदी इस भुगतान के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार हैं।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • लंदन कोर्ट ने नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया को भुगतान का आदेश दिया।
  • करीब 100 करोड़ रुपये (10.7 मिलियन डॉलर) चुकाने होंगे।
  • मामला वर्ष 2012 के लोन और व्यक्तिगत गारंटी से जुड़ा है।
  • अदालत ने नीरव मोदी की सभी प्रमुख दलीलें खारिज कर दीं।
  • बैंक को वैश्विक संपत्तियां जब्त करने का कानूनी अधिकार मिला।
  • नीरव मोदी फिलहाल लंदन की वांड्सवर्थ जेल में बंद है।

Nirav Modi मामले में कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

लंदन की सर्किट कमर्शियल कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि वर्ष 2012 में नीरव मोदी ने व्यक्तिगत गारंटी विलेख (Personal Guarantee Deed) पर हस्ताक्षर किए थे। इसी आधार पर अदालत ने माना कि ऋण की अदायगी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी उन्हीं की है।

अदालत ने बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला देते हुए लगभग 10.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बकाया ऋण, ब्याज और कानूनी खर्चों का भुगतान करने का निर्देश दिया।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?यह आदेश नीरव मोदी के खिलाफ विदेशी अदालत से आया एक अहम वित्तीय फैसला है। इससे बैंक ऑफ इंडिया को उनकी ब्रिटेन सहित अन्य देशों में मौजूद संपत्तियों के खिलाफ रिकवरी की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अधिकार मिल सकता है।

2012 के लोन से जुड़ा है पूरा विवाद

बैंक ऑफ इंडिया ने वर्ष 2012 में दुबई स्थित फायरस्टार डायमंड को ऋण उपलब्ध कराया था। वर्ष 2018 में पीएनबी घोटाला सामने आने और कारोबारी गतिविधियां प्रभावित होने के बाद कंपनी ने ऋण चुकाना बंद कर दिया।

अदालत ने माना कि व्यक्तिगत गारंटी देने के कारण नीरव मोदी इस वित्तीय दायित्व से बच नहीं सकते।

मुख्य बिंदुविवरण
आरोपीनीरव मोदी
अदालतसर्किट कमर्शियल कोर्ट, लंदन
देय राशिलगभग 100 करोड़ रुपये (10.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर)
ऋण वर्ष2012
संबंधित कंपनीफायरस्टार डायमंड (दुबई)

अब नीरव मोदी की मुश्किलें क्यों बढ़ गई हैं?

नीरव मोदी फिलहाल लंदन की वांड्सवर्थ जेल में बंद है और भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। इस फैसले के बाद बैंक ऑफ इंडिया को उसकी ब्रिटेन और अन्य देशों में मौजूद संपत्तियों के विरुद्ध वसूली की प्रक्रिया शुरू करने का अधिकार मिल गया है।

यह आदेश नीरव मोदी के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

इस फैसले का आगे क्या असर पड़ेगा?अदालती आदेश के बाद बैंक ऑफ इंडिया बकाया राशि की वसूली के लिए नीरव मोदी की उपलब्ध संपत्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कराने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। वहीं भारत में चल रहे प्रत्यर्पण मामले पर भी इस फैसले का अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।

वित्तीय और कानूनी दबाव लगातार बढ़ रहा

लंदन कोर्ट के इस फैसले से नीरव मोदी पर वित्तीय और कानूनी दबाव और बढ़ गया है। बैंकिंग धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में पहले से घिरे नीरव मोदी के लिए यह आदेश एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।

अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि बैंक ऑफ इंडिया रिकवरी प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाता है और प्रत्यर्पण मामले में आगे क्या प्रगति होती है।

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