मुंबई, 22 मई (वेब वार्ता)। भारतीय जीवन बीमा निगम ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के वित्तीय परिणामों में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 23 प्रतिशत बढ़कर 23,467 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 19,039 करोड़ रुपये था। बेहतर प्रीमियम संग्रह और निवेश आय में वृद्धि ने कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती दी है।
कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए डिविडेंड की भी घोषणा की है। एलआईसी ने 10 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर 10 रुपये अंतरिम लाभांश देने का फैसला किया है। बोनस शेयर जारी होने से पहले यह राशि प्रति शेयर 20 रुपये के बराबर मानी जाएगी। लाभांश के लिए रिकॉर्ड तिथि 25 जून तय की गई है, जबकि एक के बदले एक बोनस शेयर जारी करने के लिए 29 मई को रिकॉर्ड तिथि निर्धारित की गई है। कंपनी को उम्मीद है कि बोनस शेयर 1 जून तक निवेशकों के खातों में पहुंच जाएंगे।
चौथी तिमाही में एलआईसी की कुल शुद्ध प्रीमियम आय 12 प्रतिशत बढ़कर 1.65 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1.48 लाख करोड़ रुपये थी। कंपनी को यह वृद्धि नवीनीकरण और एकमुश्त प्रीमियम दोनों श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन के कारण मिली।
जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान एकमुश्त प्रीमियम आय में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया। यह 17 प्रतिशत बढ़कर 13,009 करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं नवीनीकरण प्रीमियम आय भी बढ़कर 82,233 करोड़ रुपये हो गई, जिससे कंपनी के व्यवसायिक विस्तार को बल मिला।
निवेश से होने वाली आय में भी मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली। चौथी तिमाही में निवेश आय 1.09 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष यह 93,443 करोड़ रुपये थी। हालांकि इस अवधि में कर्मचारियों के वेतन और अन्य परिचालन खर्चों में भी वृद्धि हुई, लेकिन इसके बावजूद कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रही।
एलआईसी का सॉल्वेंसी अनुपात बढ़कर 2.35 पर पहुंच गया, जिसे बीमा क्षेत्र में मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य का संकेत माना जाता है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल मुनाफा 19 प्रतिशत बढ़कर 57,453 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वार्षिक प्रीमियम आय 10 प्रतिशत बढ़कर 5.38 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत मुनाफा, निवेश आय में वृद्धि और बोनस तथा डिविडेंड की घोषणा निवेशकों के भरोसे को और मजबूत कर सकती है। एलआईसी के ताजा परिणामों को बीमा क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।




