नई दिल्ली, 06 जून (वेब वार्ता)। भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और डॉलर की मजबूती के कारण वैश्विक स्तर पर हुई मुनाफावसूली का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। इसके चलते सोना और चांदी दोनों के दाम नीचे आ गए हैं।
शुक्रवार को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन और वायदा बाजार में सोना लगभग 1600 से 1850 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूटकर बंद हुआ। वहीं चांदी की कीमतों में भी प्रति किलोग्राम 4000 से 5800 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई। शनिवार और रविवार को सर्राफा बाजार और वायदा कारोबार बंद रहने के कारण फिलहाल यही कीमतें प्रभावी बनी हुई हैं।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव
| शहर | 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,55,870 रुपये | 1,42,890 रुपये |
| मुंबई | 1,55,720 रुपये | 1,42,740 रुपये |
| कोलकाता | 1,55,720 रुपये | 1,42,740 रुपये |
| चेन्नई | 1,57,950 रुपये | 1,44,290 रुपये |
चांदी के ताजा भाव
देश में चांदी की औसत खुदरा कीमत 2,74,900 रुपये से 2,79,900 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई है।
- दिल्ली: 10 ग्राम चांदी का भाव 2749 रुपये और एक किलोग्राम की कीमत 2,79,900 रुपये।
- मुंबई: 10 ग्राम चांदी की कीमत 2750 रुपये और एक किलोग्राम का भाव 2,75,000 रुपये।
- कोलकाता: 10 ग्राम चांदी का भाव 2750 रुपये और एक किलोग्राम की कीमत 2,75,000 रुपये।
- चेन्नई: 10 ग्राम चांदी का भाव 2800 रुपये और एक किलोग्राम की कीमत 2,80,000 रुपये।
क्यों आई सोने-चांदी में गिरावट?
मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में मई के दौरान अनुमान से अधिक नई नौकरियों के सृजन के आंकड़े सामने आए हैं। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत मिला है। ऐसे में यह संभावना कम हो गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती करेगा।
ऊंची ब्याज दरों की आशंका के बीच निवेशकों का रुझान सोने जैसे पारंपरिक निवेश विकल्पों से कुछ कम हुआ है, जिससे कीमतों पर दबाव बना।
वैश्विक बाजार में बिकवाली
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक हाजिर बाजार में कीमतों में नरमी आने का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा, जिससे घरेलू स्तर पर भी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और संघर्ष विराम की संभावनाओं से निवेशकों की चिंता कुछ हद तक घटी है। आमतौर पर अनिश्चित परिस्थितियों में निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश विकल्प मानते हैं, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों से इन धातुओं की मांग पर असर पड़ा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकाल में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। जिन लोगों की खरीदारी की योजना है, उनके लिए मौजूदा गिरावट अवसर साबित हो सकती है। हालांकि निवेश से पहले बाजार की दिशा और वैश्विक संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।
सोना और चांदी लंबे समय से सुरक्षित निवेश के रूप में देखे जाते रहे हैं, लेकिन इनके भाव अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की स्थिति और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से लगातार प्रभावित होते रहते हैं। ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है।




