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डीएम का विकास भवन में औचक निरीक्षण, पांच कर्मचारी मिले अनुपस्थित

लापरवाही पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश, कार्यालयों में अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव और विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

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बहराइच। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने आज सुबह विकास भवन पहुंचकर विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जिला विकास अधिकारी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, दिव्यांगजन सशक्तीकरण तथा परियोजना निदेशक डीआरडीए कार्यालय सहित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी तथा पांच कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने तथा मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी-कर्मचारी समय से कार्यालय में उपस्थित रहकर अपने पदीय दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन सुनिश्चित करें। अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पत्रावलियों के रख-रखाव को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त कर परियोजनवार नोडल अधिकारी नामित कर नियमित समीक्षा कराए जाने तथा लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के कड़े निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि विकास कार्यों की प्रगति में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ, डीडीओ, डीसी मनरेगा एवं समस्त बीडीओ को वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त पंद्रहवें वित्त के कार्यों को तेजी से कराए जाने तथा नवीन कार्यों की नियमानुसार स्वीकृति में विलंब के लिए कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि सभी नवीन कार्यों की स्वीकृति नियमानुसार समय से प्राप्त करना सुनिश्चित करें, ताकि विकास कार्यों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि सड़क मार्गों पर निराश्रित गोवंश दिखाई न दें, इसके लिए प्रभावी टीम गठित कर नियमित अभियान चलाया जाए। कैटल कैचर के माध्यम से निराश्रित गोवंशों को पकड़कर गौशालाओं में संरक्षित करने तथा मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत अभियान चलाकर पात्र किसानों को गोवंश सुपुर्द करने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के दौरान विकास भवन में लगे अग्निशमन उपकरणों की वैधता अवधि समाप्त पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल पुराने उपकरण हटवाकर निर्धारित मानकों के अनुरूप नए अग्निशमन उपकरण लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए तथा सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त और क्रियाशील स्थिति में रखी जाएं।

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