नई दिल्ली, 15 सितंबर (वेब वार्ता)। चीन के राष्ट्रपति के नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पहुंचने के बाद भारत-चीन संबंधों में एक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। चीन की दक्षिणी विमानन कंपनी 21 सितंबर से भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवा फिर शुरू करने जा रही है। करीब छह वर्ष के लंबे अंतराल के बाद शुरू होने वाली इस सेवा को भारतीय यात्रियों, व्यापारियों और कारोबारियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
ग्वांगझू चीन का प्रमुख व्यापारिक और परिवहन केंद्र है। यह शहर इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, मशीनरी और अन्य औद्योगिक उत्पादों के बड़े बाजार के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय कारोबारी लंबे समय से व्यापार करते रहे हैं। अनुमान के मुताबिक, ग्वांगझू में करीब 3,000 भारतीय कारोबारी मौजूद हैं।
ग्वांगझू के लिए क्यों महत्वपूर्ण है सीधी उड़ान?
ग्वांगझू अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से चीन के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में शामिल है। शहर का जुड़ाव दुनिया के कई देशों से है और यहां आयोजित होने वाला कैंटन व्यापार मेला अंतरराष्ट्रीय कारोबारियों के बीच विशेष पहचान रखता है।
इस मेले में दुनिया के अलग-अलग देशों से बड़ी संख्या में व्यापारी और कारोबारी हिस्सा लेते हैं। भारत से भी कई कारोबारी हर वर्ष इस व्यापार मेले में पहुंचते हैं। ऐसे में ग्वांगझू के लिए सीधी उड़ान शुरू होने से भारतीय कारोबारियों के लिए यात्रा अधिक आसान और समय की बचत वाली हो सकती है।
सीधी हवाई सेवा के अभाव में यात्रियों को चीन पहुंचने के लिए बैंकॉक, सिंगापुर या हांगकांग जैसे शहरों के रास्ते यात्रा करनी पड़ती थी। इससे यात्रा का समय बढ़ने के साथ-साथ टिकट, ठहरने और अन्य खर्चों में भी वृद्धि होती थी।
छह साल से बंद थी सीधी हवाई सेवा
भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवाएं कोरोना महामारी के दौरान बंद हो गई थीं। महामारी के बाद कई अंतरराष्ट्रीय मार्ग दोबारा शुरू हुए, लेकिन भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क पहले की तरह सामान्य होने में काफी समय लगा।
सीधी उड़ानों के बंद रहने से भारत से चीन जाने वाले यात्रियों को दूसरे देशों के हवाई अड्डों से होकर यात्रा करनी पड़ती थी। विशेष रूप से चीन के प्रमुख व्यापारिक शहरों तक पहुंचने वाले भारतीय कारोबारियों के लिए यह व्यवस्था समय और खर्च दोनों के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रही।
अब छह वर्ष बाद ग्वांगझू के लिए सीधी उड़ान शुरू होने से इस समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है।
व्यापार और पर्यटन को मिल सकती है नई गति
सीधी हवाई सेवा का लाभ केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन, व्यावसायिक यात्राओं और लोगों के आवागमन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ग्वांगझू में भारतीय व्यापारियों की बड़ी मौजूदगी को देखते हुए सीधी उड़ान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। भारतीय कारोबारी चीन से इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी, कपड़े और अन्य उत्पादों की खरीद के लिए नियमित रूप से यात्रा करते हैं। सीधी उड़ान से उनकी यात्रा अधिक सुगम हो सकती है।
इसके अलावा चीन जाने वाले भारतीय पर्यटकों और चीन से भारत आने वाले यात्रियों के लिए भी सीधी हवाई सेवा उपयोगी साबित हो सकती है।
ब्रिक्स सम्मेलन के बाद अहम घटनाक्रम
नई दिल्ली में 12 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति की मौजूदगी के बीच भारत-चीन संबंधों को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं हुईं। इसी क्रम में ग्वांगझू के लिए सीधी हवाई सेवा बहाल होने का फैसला दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालांकि, भारत और चीन के बीच संबंधों में अभी कई संवेदनशील मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन हवाई संपर्क बहाल होना दोनों देशों के नागरिकों और कारोबारी समुदाय के लिए व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण पहल है।
21 सितंबर से शुरू होने वाली सीधी उड़ान भारतीय यात्रियों के लिए यात्रा का समय कम करने के साथ-साथ चीन के प्रमुख व्यापारिक केंद्र तक पहुंच को भी आसान बनाएगी। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों के आवागमन को आने वाले समय में नई गति मिलने की उम्मीद है।




