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सीएम धामी की ‘कक्षा’ में युवाओं से संवाद, बोले- जिम्मेदारियां मिलेंगी, संकल्प लेकर लक्ष्य की ओर बढ़ें

देहरादून, 10 अगस्त (वेब वार्ता)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून में आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद किया। कार्यक्रम में ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों ने आभासी माध्यम से जुड़कर मुख्यमंत्री की बात सुनी और संवाद में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहने और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी होंगी। कोई उद्यमी बनेगा, कोई चिकित्सक, किसान या शिक्षक बनकर समाज और देश के निर्माण में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि युवा अपनी क्षमता को पहचानकर अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने का प्रयास करें।

युवा देश के निर्माण में निभाएंगे बड़ी भूमिका

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के सामने परिवहन, स्वच्छता और शहरों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने जैसी कई चुनौतियां हैं।

उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल समस्याओं पर चर्चा करने तक सीमित न रहें, बल्कि उनके समाधान के लिए भी विचार करें। समाज और देश में बदलाव लाने के लिए युवाओं की भागीदारी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी का उल्लेख करते हुए अपने परिवार का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी तकनीक और बदलती परिस्थितियों के साथ आगे बढ़ रही है और युवाओं की सोच को सकारात्मक दिशा देना जरूरी है।

अभिभावकों की भी अहम जिम्मेदारी

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यदि बच्चे गलत दिशा में जा रहे हैं तो इसमें अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सही संस्कार और उचित मार्गदर्शन देना परिवार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय उन्हें समाज, संस्कृति और देश के प्रति जिम्मेदारियों से भी परिचित कराना चाहिए। सही मार्गदर्शन मिलने पर युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का सकारात्मक इस्तेमाल कर सकते हैं।

स्वामी विवेकानंद का उदाहरण दिया

मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचारों ने पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से परिचित कराया। उन्होंने युवाओं से अपने देश की संस्कृति और परंपराओं को समझने तथा उसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। युवाओं को आधुनिक सोच के साथ अपनी जड़ों और मूल्यों से जुड़े रहकर आगे बढ़ना चाहिए।

संकल्प से ही लक्ष्य की सिद्धि: धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में किसी भी शुभ कार्य से पहले संकल्प लेने की परंपरा रही है। संकल्प व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है और लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ने का आधार बनता है।

उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन में जिस भी क्षेत्र को चुनें, उसके लिए स्पष्ट संकल्प लें। उन्होंने सलाह दी कि लक्ष्य तय करने के बाद बार-बार विकल्प बदलने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे व्यक्ति का ध्यान भटक सकता है और लक्ष्य प्राप्ति में बाधा आ सकती है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने लक्ष्य को एक मिशन के रूप में लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और संकल्प के बल पर आने वाले समय में उत्तराखंड और देश का नाम ऊंचा करेंगे।

युवाओं को भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार रहने का संदेश

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रशासन, शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, उद्यमिता और अन्य क्षेत्रों में युवाओं को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा यदि अभी से अपने लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन और संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे तो वे न केवल अपना भविष्य बेहतर बनाएंगे, बल्कि राज्य और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

युवाओं ने पूछे ये सवाल

युवा- हमारे मोहल्ले में शराब की दुकान है। ऐसे में नशा कैसे रुकेगा? नशा की लत लग रही है ड्रग्स माफिया है। स्कूल के आसपास भी नशा बिकता है। इस पर रोक लगनी चाहिए।
जवाब: हमें युवाओं को स्किल सीखना चाहिए। तभी नशे से दूर रह पाएंगे।
युवा- दिव्या सीएनआई गर्ल्स इंटर कॉलेज, ड्रग्स की दुकानें बंद होनी चाहिए।
युवा- साहिना  , सूर्य अस्त पहाड़ी मस्त, पहाड़ में शराब में शादी समारोह में परोसी जाती है। पहाड़ में शराब बिल्कुल बंद होनी चाहिए। पर्यटक उत्तराखंड आते हैं।

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