नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Samvidhan Hatya Diwas के अवसर पर दिल्ली भाजपा द्वारा एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आपातकाल पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने अपनी सत्ता बचाने और एक परिवार के राजनीतिक हितों के लिए देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने कहा कि इस दौरान नागरिकों की स्वतंत्रता प्रभावित हुई और लोकतांत्रिक संस्थाओं को दबाने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने संविधान की सर्वोच्चता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)
- दिल्ली भाजपा ने ‘संविधान हत्या दिवस’ पर विशेष संगोष्ठी आयोजित की।
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आपातकाल को लोकतंत्र का काला अध्याय बताया।
- संविधान की सर्वोच्चता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर दिया गया।
- लोकतंत्र सेनानियों के साहस और बलिदान को नमन किया गया।
- कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद रहे।
- एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ कार्यक्रम।
दिल्ली भाजपा द्वारा संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित आपातकाल पर गोष्ठी कार्यक्रम में सम्मलित हुई।
25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र का वह काला अध्याय है, जब कांग्रेस ने सत्ता बचाने और एक परिवार के राजनीतिक हितों के लिए देश पर आपातकाल थोप दिया। संविधान की भावना को आघात पहुंचाया… pic.twitter.com/FTqvFzNhjg
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) June 26, 2026
Samvidhan Hatya Diwas कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा दिन था, जब लोकतांत्रिक मूल्यों को गंभीर चुनौती मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक हितों के लिए आपातकाल लागू किया, जिससे नागरिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर व्यापक प्रभाव पड़ा।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश उन लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धांजलि दे रहा है जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।
‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?संगोष्ठी का उद्देश्य आपातकाल के ऐतिहासिक घटनाक्रम को स्मरण करना और लोकतंत्र, संविधान तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | संविधान हत्या दिवस विशेष संगोष्ठी |
| स्थान | एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली |
| मुख्य वक्ता | मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता |
| मुख्य विषय | आपातकाल, संविधान और लोकतंत्र |
| आयोजक | दिल्ली भाजपा |
कार्यक्रम में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
संगोष्ठी में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री तथा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य सत्यनारायण जटिया, सांसद योगेंद्र चांदोलिया, रामवीर सिंह बिधूड़ी और बांसुरी स्वराज सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को याद करते हुए संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व क्या है?आपातकाल की वर्षगांठ पर आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने उस दौर की घटनाओं को याद करते हुए अपना राजनीतिक दृष्टिकोण रखा। कार्यक्रम के दौरान संविधान की सर्वोच्चता, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और लोकतंत्र सेनानियों के योगदान पर विशेष जोर दिया गया।
संविधान सर्वोपरि रहने का दोहराया संकल्प
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘संविधान हत्या दिवस’ केवल इतिहास के एक कठिन दौर को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के प्रति देश की अटूट प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत में संविधान हमेशा सर्वोपरि रहेगा।
कार्यक्रम का समापन लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और संविधान की गरिमा बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।




