कोलकाता | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Kolkata Taratala Warehouse Collapse में पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम शेड ढहने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में अब तक 11 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 घायल एसएसकेएम अस्पताल में उपचाराधीन हैं। राहत एवं बचाव दल अब तक 31 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल चुका है, लेकिन मलबे में कुछ अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस और अग्निशमन विभाग का संयुक्त रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। पुलिस ने मामले में गोदाम मालिक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर गैर-इरादतन हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)
- कोलकाता के तारातला क्षेत्र में निर्माणाधीन गोदाम शेड ढहने से बड़ा हादसा।
- अब तक 11 लोगों की मौत और 25 घायल।
- 31 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- गोदाम मालिक समेत पांच आरोपित गिरफ्तार।
- सात सदस्यीय एसआईटी पूरे मामले की जांच करेगी।
- सेना, एनडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी।
Kolkata Taratala Warehouse Collapse कैसे हुआ?
बुधवार को तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम के शेड का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। उस समय वहां बड़ी संख्या में मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए थे। शेड गिरते ही कई मजदूर भारी मलबे के नीचे दब गए, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
सेना, एनडीआरएफ, राज्य आपदा मोचन बल, कोलकाता पुलिस और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम शुरू किया। भारी हाइड्रोलिक क्रेन और अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
हादसे की वजह क्या मानी जा रही है?प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया। साथ ही निर्माण सामग्री, स्ट्रक्चरल डिजाइन और तकनीकी निगरानी में संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। अंतिम कारण एसआईटी और तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पांच लोगों की गिरफ्तारी, गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
कोलकाता पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गोदाम मालिक शंभूनाथ बेहरा, स्ट्रक्चरल इंजीनियर कमल सामंत, सुपरवाइजर सैयद मोहम्मद गुलजार, दिबाकर भंडारी और अब्दुल हामिद को गिरफ्तार किया है।
इन सभी आरोपितों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई एक मृतक मजदूर के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है।
| मुख्य तथ्य | विवरण |
|---|---|
| घटना स्थल | तारातला, कोलकाता |
| घटना | निर्माणाधीन गोदाम शेड ढहना |
| मृतक | 11 |
| घायल | 25 |
| रेस्क्यू | 31 लोगों को सुरक्षित निकाला गया |
| गिरफ्तार | 5 आरोपी |
| जांच एजेंसी | सात सदस्यीय एसआईटी |
मलबे में फंसे लोगों की तलाश अभी भी जारी
बचाव दल के अधिकारियों के अनुसार दुर्घटनास्थल के पश्चिमी हिस्से में अब भी मलबा हटाने का कार्य जारी है। रेस्क्यू टीमों का मानना है कि कुछ मजदूर अब भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। इसी कारण पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर अभियान चलाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार मलबे के नीचे दबे कुछ लोगों के मोबाइल फोन अब भी सक्रिय हैं। इन्हीं मोबाइल सिग्नलों की सहायता से संभावित लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि फंसे हुए लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
एसआईटी करेगी हादसे की गहन जांच
कोलकाता पुलिस ने पूरे मामले की जांच के लिए सहायक पुलिस आयुक्त जॉयसूर्या मुखर्जी के नेतृत्व में सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस टीम में हत्या शाखा, गुप्तचर विभाग और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच में निर्माण कार्य की स्वीकृति, तकनीकी मानकों, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी की विस्तार से पड़ताल की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में तारातला हादसे पर बयान देते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये तथा घायलों के लिए 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी और राहत एवं बचाव कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि मलबे में कोई व्यक्ति फंसा नहीं है।
प्रशासन के अनुसार सेना, एनडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग के संयुक्त अभियान के कारण बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। हालांकि मलबे की पूरी तरह तलाशी लिए जाने तक अभियान जारी रहेगा।
निर्माण सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन भवनों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े निर्माण कार्यों में संरचनात्मक गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और श्रमिक सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाना आवश्यक है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




