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Kerala Pulse Polio Campaign 2026: केरल में 19.8 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा, 22 हजार से अधिक बूथ तैयार

तिरुवनंतपुरम | स्वास्थ्य डेस्क | वेब वार्ता

Kerala Pulse Polio Campaign 2026 के तहत केरल सरकार 28 जून से राज्यव्यापी पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रही है। इस विशेष अभियान में पांच वर्ष से कम आयु के लगभग 19.8 लाख बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) की खुराक दी जाएगी। स्वास्थ्य एवं देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने प्रत्येक पात्र बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, ताकि राज्य का पोलियो-मुक्त दर्जा बरकरार रखा जा सके।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • 28 जून से पूरे केरल में पल्स पोलियो अभियान शुरू होगा।
  • 5 वर्ष से कम आयु के 19.8 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।
  • 22,288 वैक्सीनेशन बूथ और 46,663 स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
  • रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और बोट जेट्टी पर विशेष ट्रांजिट बूथ बनाए गए हैं।
  • 29 और 30 जून को छूटे हुए बच्चों के लिए घर-घर अभियान चलेगा।
  • राज्य सरकार ने अभिभावकों से सभी पात्र बच्चों को टीका दिलाने की अपील की है।

Kerala Pulse Polio Campaign 2026 की क्या है तैयारी?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पूरे राज्य में अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य स्तरीय उद्घाटन समारोह तिरुवनंतपुरम के थायकाड स्थित मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में आयोजित किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक पात्र बच्चे तक ओरल पोलियो वैक्सीन पहुंचाना है, ताकि पोलियो वायरस के दोबारा फैलने की किसी भी संभावना को रोका जा सके।

पल्स पोलियो अभियान क्यों है महत्वपूर्ण?भारत पिछले 15 वर्षों से वाइल्ड पोलियो वायरस से मुक्त है। हालांकि दुनिया के कुछ देशों में अब भी पोलियो के मामले सामने आते हैं। ऐसे में नियमित टीकाकरण और पल्स पोलियो अभियान इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

अभियान के लिए राज्यभर में विशेष व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में 22,288 वैक्सीनेशन बूथ स्थापित किए हैं, जबकि 46,663 प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को अभियान में लगाया गया है। सरकारी और निजी अस्पतालों, हेल्थ सेंटर, फैमिली हेल्थ सेंटर, आंगनवाड़ी, स्कूल, पुस्तकालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बूथ संचालित किए जाएंगे।

इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और बोट जेट्टी पर विशेष ट्रांजिट बूथ तथा दूर-दराज़ क्षेत्रों और प्रवासी मजदूरों की बस्तियों में मोबाइल टीकाकरण बूथ भी लगाए जाएंगे।

अभियान का विवरणसंख्या
लक्षित बच्चे19,80,224
वैक्सीनेशन बूथ22,288
प्रशिक्षित स्वयंसेवक46,663
ट्रांजिट बूथ539
मोबाइल बूथ283

छूटे हुए बच्चों के लिए चलेगा घर-घर अभियान

जो बच्चे 28 जून को पोलियो की खुराक नहीं ले पाएंगे, उन्हें 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर दवा पिलाएंगी। अभियान में स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कर्मचारियों, कुडुम्बश्री सदस्यों तथा विभिन्न सरकारी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।

इसके साथ ही राज्यभर में जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें पोस्टर, सार्वजनिक घोषणाएं और घर-घर संपर्क के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।

अभिभावकों को क्या करना चाहिए?स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे पांच वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को निर्धारित तिथि पर नजदीकी पोलियो बूथ तक लेकर जाएं। यदि किसी कारणवश बच्चा उस दिन टीका नहीं ले पाता है, तो घर-घर अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों से संपर्क अवश्य करें।

पोलियो-मुक्त दर्जा बनाए रखने पर जोर

केरल सरकार का कहना है कि राज्य और देश को पोलियो-मुक्त बनाए रखने के लिए नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग कोल्ड-चेन व्यवस्था, वैक्सीन भंडारण और वितरण प्रणाली को पूरी तरह तैयार कर चुका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापक जनभागीदारी और समय पर टीकाकरण से ही पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को दोबारा फैलने से रोका जा सकता है।

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