राज्यमध्य प्रदेशVriddhkaleshwar Mahadev Temple: 40 साल बाद खुले वृद्धकालेश्वर...

Vriddhkaleshwar Mahadev Temple: 40 साल बाद खुले वृद्धकालेश्वर महादेव मंदिर के पट, ओंकारेश्वर में शुरू हुए दर्शन

खण्डवा | धर्म एवं संस्कृति डेस्क | वेब वार्ता

Vriddhkaleshwar Mahadev Temple से जुड़ी एक बड़ी और श्रद्धालुओं के लिए सुखद खबर मध्य प्रदेश की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर से सामने आई है। ओंकारेश्वर स्थित अतिप्राचीन श्री ममलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मौजूद श्री वृद्धकालेश्वर महादेव मंदिर के पट करीब 40 वर्षों बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त में विधिवत पूजन-अर्चन के साथ मंदिर में दर्शन व्यवस्था प्रारंभ की गई। लंबे समय बाद मंदिर के द्वार खुलने से श्रद्धालुओं में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • ओंकारेश्वर में वृद्धकालेश्वर महादेव मंदिर 40 साल बाद खुला।
  • अभिजीत मुहूर्त में विधिवत पूजन-अर्चन के साथ दर्शन शुरू हुए।
  • मंदिर श्री ममलेश्वर महादेव परिसर में स्थित है।
  • कलेक्टर ऋषव गुप्ता की पहल पर मंदिर के पट खोले गए।
  • पुरातत्व विभाग से चर्चा के बाद निर्णय लिया गया।
  • श्रद्धालु प्रतिदिन मंदिर के बाहर से दर्शन कर सकेंगे।

Vriddhkaleshwar Mahadev Temple में 40 साल बाद शुरू हुए दर्शन

ओंकारेश्वर के धार्मिक इतिहास में यह दिन विशेष महत्व रखता है। वर्षों से बंद पड़े वृद्धकालेश्वर महादेव मंदिर के पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं को भगवान शिव के दुर्लभ दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ है। मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना का आयोजन विद्वान पंडित सुधीर अत्रे के आचार्यत्व में सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर संत मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी महाराज सहित ममलेश्वर मंदिर के पुजारी परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। पूरे धार्मिक अनुष्ठान को वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न किया गया।

वृद्धकालेश्वर महादेव मंदिर का धार्मिक महत्व क्या है?ममलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्थित यह प्राचीन मंदिर ओंकारेश्वर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहां भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना से विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।

जिला प्रशासन की पहल से खुले मंदिर के पट

जानकारी के अनुसार यह मंदिर लगभग चार दशक से बंद था। श्रद्धालुओं की लगातार मांग और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इस विषय को गंभीरता से लिया।

प्रशासन ने पुरातत्व विभाग से आवश्यक चर्चा और अनुमति प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित की। इस निर्णय का स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने स्वागत किया है।

विवरणजानकारी
मंदिर का नामश्री वृद्धकालेश्वर महादेव मंदिर
स्थानममलेश्वर महादेव मंदिर परिसर, ओंकारेश्वर
बंद रहने की अवधिलगभग 40 वर्ष
पट खुलने की तिथि24 जून 2026
दर्शन व्यवस्थामंदिर द्वार के बाहर से
विशेष अनुमतिगर्भगृह में केवल पुजारी प्रवेश करेंगे

दर्शन व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने क्या कहा?

तहसीलदार उदय मंडलोई ने बताया कि अब श्रद्धालु प्रतिदिन भगवान वृद्धकालेश्वर महादेव के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि, गर्भगृह का आकार छोटा होने के कारण दर्शन व्यवस्था मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर से ही रखी गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमित पूजा, भोग और आरती के लिए केवल अधिकृत पुजारी को ही गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति होगी। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर की व्यवस्था दोनों सुनिश्चित की जा सकेंगी।

मंदिर खुलने से श्रद्धालुओं को क्या लाभ होगा?चार दशक बाद मंदिर के पट खुलने से देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के दर्शन का अवसर मिलेगा। इससे ओंकारेश्वर की धार्मिक पहचान और तीर्थ पर्यटन को भी नई मजबूती मिलने की संभावना है।

ओंकारेश्वर की धार्मिक विरासत में जुड़ा नया अध्याय

ओंकारेश्वर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंग तीर्थों में शामिल है और यहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में वृद्धकालेश्वर महादेव मंदिर के पुनः खुलने को धार्मिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है।

श्रद्धालुओं का मानना है कि लंबे समय बाद बाबा वृद्धकालेश्वर के दर्शन शुरू होना एक शुभ संकेत है और इससे क्षेत्र की आध्यात्मिक गरिमा और अधिक बढ़ेगी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

More articles

- Advertisement -
- Advertisement -