उज्जैन | संवाददाता | वेब वार्ता
Ujjain House Collapse की दर्दनाक घटना बुधवार सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में सामने आई, जहां जीवाजीगंज थाना क्षेत्र के हम्मालवाड़ी इलाके में लगभग 50 वर्ष पुराना दो मंजिला मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे में मलबे के नीचे दबने से 12 वर्षीय असरान कुरैशी की मौत हो गई, जबकि उसकी नानी खुर्शीद बी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाकर मलबे में फंसे आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)
- उज्जैन के हम्मालवाड़ी क्षेत्र में 50 साल पुराना मकान ढहा।
- 12 वर्षीय असरान कुरैशी की मलबे में दबने से मौत हुई।
- खुर्शीद बी गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती।
- मलबे में दबे 8 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
- पास में चल रही खुदाई को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है।
- पुलिस और प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया।
Ujjain House Collapse में कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के अनुसार हम्मालवाड़ी क्षेत्र में स्थित पुराने दो मंजिला मकान के समीप एक नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण के लिए मकान के पास गहरे गड्ढे खोदे गए थे। बुधवार सुबह अचानक मकान का पिछला हिस्सा ढह गया और देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया।
हादसे के समय मकान में कई लोग मौजूद थे। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कर दिया।
मकान गिरने की वजह क्या बताई जा रही है?प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पास में चल रही निर्माण गतिविधियों और गहरी खुदाई के कारण पुराने मकान की नींव कमजोर हो गई थी। हालांकि प्रशासन द्वारा विस्तृत जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
12 वर्षीय असरान कुरैशी की गई जान
हादसे में 12 वर्षीय असरान कुरैशी मलबे के नीचे दब गया। उसे निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
वहीं उसकी नानी खुर्शीद बी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक अन्य बच्ची के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना स्थल | हम्मालवाड़ी, जीवाजीगंज थाना क्षेत्र, उज्जैन |
| मकान की उम्र | लगभग 50 वर्ष |
| मृतक | असरान कुरैशी (12 वर्ष) |
| गंभीर घायल | खुर्शीद बी |
| बचाए गए लोग | 8 |
| संभावित कारण | निर्माण कार्य के लिए की गई खुदाई |
स्थानीय लोगों और पुलिस ने चलाया रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय नागरिकों की मदद से तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया।
जीवाजीगंज थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा ने बताया कि पुलिस और स्थानीय रहवासियों के संयुक्त प्रयास से आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। समय रहते रेस्क्यू होने से बड़ा नुकसान टल गया।
इस हादसे के बाद क्या सवाल खड़े हो रहे हैं?पुराने भवनों के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी, सुरक्षा मानकों का पालन और खुदाई से पहले संरचनात्मक जांच जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण गतिविधियों पर सख्त निगरानी आवश्यक है।
पुराने भवनों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
रिश्तेदारों के अनुसार मकान लगभग 50 वर्ष पुराना था और उसकी स्थिति भी काफी जर्जर हो चुकी थी। ऐसे में पास में चल रहे निर्माण कार्य ने जोखिम को और बढ़ा दिया।
प्रशासन अब हादसे की विस्तृत जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह तय होगा कि दुर्घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और क्या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई थी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।




