राज्यउत्तराखण्डसोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में आस्था का सैलाब,...

सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी

हरिद्वार, 15 जून (वेब वार्ता)। सोमवती अमावस्या, पुरुषोत्तम मास के समापन और संक्रांति के दुर्लभ संयोग पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का अद्भुत जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर की पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर तड़के से ही लाखों श्रद्धालु पवित्र गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचने लगे। “हर-हर गंगे” और “गंगा मैया की जय” के उद्घोष से पूरा गंगा तट भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन और संक्रांति के साथ इसका संयोग बनने से इसका पुण्यफल कई गुना बढ़ गया है। मान्यता है कि इस पावन अवसर पर गंगा स्नान करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है तथा मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

हर की पैड़ी के अलावा नाई सोता घाट, सुभाष घाट, गऊघाट, कुशा घाट, बिरला घाट, अलकनंदा घाट, ओम पुल घाट, डाम कोठी घाट और कनखल क्षेत्र के बैरागी कैंप घाट, महानंद मिशन घाट, नया घाट, तिल भांडेश्वर महादेव घाट, तप स्थान तीजी पातशाही गुरु अमर दास घाट, सतीघाट, राजघाट और दक्षेश्वर महादेव मंदिर घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। उत्तरी हरिद्वार स्थित सप्तऋषि आश्रम घाट, परमार्थ आश्रम घाट, भारत माता मंदिर घाट और अग्रसेन घाट पर भी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ गंगा स्नान किया।

गंगा तटों पर श्रद्धालु स्नान के साथ दान-पुण्य, तर्पण, हवन-यज्ञ और पिंडदान जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी करते नजर आए। बड़ी संख्या में लोगों ने अपने पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ पूजा-अर्चना की।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। हर की पैड़ी और आसपास के सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। उत्तराखंड पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह सुबह से ही व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए मौके पर मौजूद रहे।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था में भी आवश्यक बदलाव किए गए हैं। हालांकि, भारी भीड़ के चलते हरिद्वार आने वाले कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील करता रहा।

वृंदावन से आए भागवताचार्य कथा वाचक राधा रमण शास्त्री ने बताया कि सोमवती अमावस्या, पुरुषोत्तम मास के समापन और संक्रांति का यह त्रिवेणी संयोग अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी माना जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है। उनके अनुसार पुरुषोत्तम मास को भगवान कृष्ण का प्रिय मास माना जाता है और इसी कारण इसका धार्मिक महत्व विशेष रूप से बढ़ जाता है।

सोमवती अमावस्या के इस पावन अवसर पर हरिद्वार एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपराओं के विराट स्वरूप का साक्षी बना, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने मां गंगा के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

More articles

- Advertisement -
- Advertisement -