नागपुर, 09 मई (वेब वार्ता)। नागपुर में आयोजित भारत दुर्गा मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से चार बच्चे पैदा करने और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समर्पित करने की अपील की। उनके इस बयान के बाद विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं। ऐसे महत्वपूर्ण मंच से दिए गए इस बयान ने राजनीतिक महत्व भी प्राप्त कर लिया है।
अपने संबोधन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज को राष्ट्र निर्माण के लिए अधिक से अधिक स्वयंसेवक तैयार करने चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने लोगों से चार बच्चे पैदा करने और उनमें से एक को संघ के लिए समर्पित करने की बात कही। उनके इस बयान के बाद सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की संभावना जताई जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युद्धों से थकने के बाद शिवाजी महाराज समर्थ रामदास स्वामी के पास पहुंचे थे और सत्ता त्यागने की इच्छा जताई थी। इस पर समर्थ रामदास स्वामी ने उन्हें अपने कर्तव्यों का पालन करने की सीख दी थी।
यह पहला अवसर नहीं है जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जनसंख्या या परिवार से जुड़े मुद्दों पर बयान दिया हो। इससे पहले भी वह कई बार चार बच्चों के समर्थन में बयान दे चुके हैं। नागपुर में दिए गए उनके ताजा बयान ने एक बार फिर जनसंख्या, सामाजिक सोच और राजनीति को लेकर बहस तेज कर दी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कार्यक्रम में मौजूद बड़े नेताओं और संघ नेतृत्व के बीच दिया गया यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन सकता है। फिलहाल इस मुद्दे पर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है।




