मेलबर्न, 09 मई (वेब वार्ता)। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना आज के समय में हर व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी माना जाता है, लेकिन महिलाओं के लिए इसकी अहमियत और भी अधिक है। बेहतर जीवन, सम्मानजनक करियर और आत्मसम्मान की चाह में लोग वर्षों तक मेहनत करते हैं। इसी बीच एक महिला की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसने करोड़ों रुपये की नौकरी छोड़कर विदेश में सफाईकर्मी के रूप में काम करना स्वीकार किया।
मुंबई की रहने वाली श्वेता देसाई ने अपने सामाजिक माध्यम खाते पर एक वीडियो साझा करते हुए अपने जीवन के संघर्ष और बदलाव की कहानी बताई। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2008 में पढ़ाई के लिए लंदन गई थीं और वहां करीब 15 वर्षों तक कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम किया। श्वेता एक बड़े व्यावसायिक मंच में ‘हेड ऑफ प्रोडक्ट’ के पद पर कार्यरत थीं और वर्ष 2023 तक उनकी वार्षिक आय लगभग एक करोड़ रुपये थी।
हालांकि, पति की नौकरी के कारण उन्हें वर्ष 2023 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में स्थानांतरित होना पड़ा। मेलबर्न पहुंचने के बाद उन्होंने अपने अनुभव और योग्यता के अनुरूप कई नौकरियों के लिए प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने बताया कि मेलबर्न का रोजगार बाजार लंदन से काफी अलग है और लंबे समय तक प्रयास करने के बावजूद उन्हें कॉर्पोरेट क्षेत्र में अवसर नहीं मिला।
आर्थिक रूप से खुद को मजबूत बनाए रखने के लिए श्वेता ने एयरबीएनबी अपार्टमेंट प्रबंधन का कार्य शुरू किया। इस काम में कमरों की सफाई करना, बिस्तर की चादरें बदलना और मेहमानों के सवालों का जवाब देना शामिल था। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में यह बदलाव उनके लिए बेहद कठिन था और एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि उनकी पहचान कहीं खो गई है।
श्वेता ने बताया कि लंदन में उनका जीवन बेहद आरामदायक और शानदार था। महंगे कपड़े, ब्रांडेड सामान और लग्जरी जीवनशैली उनकी दिनचर्या का हिस्सा थी, लेकिन मेलबर्न आने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। बेरोजगारी के दौरान वह मानसिक रूप से टूटने लगी थीं और लोगों के ‘आप क्या करती हैं?’ जैसे सवाल उन्हें असहज कर देते थे।
हालांकि, समय के साथ उनकी सोच बदली और उन्होंने महसूस किया कि किसी व्यक्ति की असली पहचान केवल उसकी नौकरी नहीं होती। इस अनुभव ने उन्हें जीवन को नए नजरिए से समझने का अवसर दिया। वर्तमान में श्वेता एयरबीएनबी प्रबंधन कार्य के साथ बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाती हैं और अपना व्यवसाय तथा कोचिंग अभ्यास शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।
श्वेता देसाई की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे संघर्ष, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में देख रहे हैं।




