रायपुर, 09 मई (वेब वार्ता)। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने व्यवस्थाएं तेज कर दी हैं। किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पैक्स समितियों में किसानों की मांग के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाएं।
बैठक में बताया गया कि चालू खरीफ सीजन के लिए आठ हजार 800 करोड़ रुपये के कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 741 करोड़ रुपये किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। वहीं राज्य में 10 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 5.42 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण पूरा कर लिया गया है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 54 प्रतिशत है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में समितियों में यूरिया की 2.56 लाख टन, डीएपी की 67 हजार टन, एनपीके की 1.01 लाख टन, पोटाश की 39 हजार टन तथा एसएसपी की 78 हजार टन उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और सभी समितियों में नियमित आपूर्ति बनी रहे।
समीक्षा बैठक में डीएपी की संभावित वैश्विक कमी को लेकर भी चर्चा हुई। इस पर मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वैकल्पिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसानों को इनके उपयोग के लिए जागरूक और प्रोत्साहित किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि खरीफ सीजन के लिए राज्य में 4.95 लाख क्विंटल बीज की मांग अनुमानित है। अब तक 81 हजार 640 क्विंटल प्रमाणित बीज का भंडारण किया जा चुका है। मंत्री कश्यप ने बीज निगम को निर्देश दिए कि शेष बीज की आपूर्ति जल्द से जल्द समितियों तक पहुंचाई जाए।
समीक्षा बैठक में सहकारिता सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, मार्कफेड प्रबंध संचालक जितेंद्र शुक्ला, बीज निगम प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल, अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक के.एन. कांडे सहित कृषि एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे।




