बारामती, 08 मई (वेब वार्ता)। महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव में Sunetra Pawar ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए भारतीय चुनावी इतिहास में नया रिकॉर्ड बना दिया है। Nationalist Congress Party के अजित पवार गुट की उम्मीदवार सुनेत्रा पवार ने 2 लाख 18 हजार 930 वोटों के विशाल अंतर से जीत हासिल की, जिसे अब तक किसी विधायक की सबसे बड़ी जीत माना जा रहा है।
मतगणना के 24वें चरण तक आए परिणामों में सुनेत्रा पवार ने अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को भारी अंतर से पीछे छोड़ दिया। चुनाव मैदान में कुल 23 उम्मीदवार थे, लेकिन कोई भी प्रत्याशी एक हजार वोट का आंकड़ा पार नहीं कर सका। इससे मुकाबले की पूरी तरह एकतरफा तस्वीर सामने आई।
इस जीत के साथ सुनेत्रा पवार ने वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र से Sunil Kumar Sharma द्वारा बनाए गए 2 लाख 14 हजार 835 वोटों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत दिवंगत Ajit Pawar की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के रूप में भी देखी जा रही है।
चुनाव प्रचार के दौरान सुनेत्रा पवार के समर्थन में उनके बेटे पार्थ पवार और जय पवार ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा कई राजनीतिक संगठनों और स्थानीय समूहों का समर्थन भी उन्हें मिला, जिससे चुनाव पूरी तरह उनके पक्ष में जाता दिखाई दिया।
अन्य उम्मीदवारों में करुणा मुंडे को 125 वोट और अभिजीत बिचुकले को 121 वोट मिले। इन आंकड़ों ने चुनाव में सुनेत्रा पवार की जबरदस्त बढ़त और विपक्ष की कमजोर स्थिति को स्पष्ट कर दिया।
जीत के बाद भावुक नजर आईं सुनेत्रा पवार ने यह विजय अपने दिवंगत पति अजित पवार को समर्पित की। उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इस अवसर पर अत्यधिक जश्न, जुलूस या गुलाल उड़ाने से बचा जाए।
उन्होंने कहा कि बारामती की जनता ने जो विश्वास जताया है, वह अजित दादा की पवित्र स्मृति को समर्पित है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से आभार व्यक्त करने की अपील की और कहा कि उन्हें दिवंगत नेता के विचारों के अनुरूप मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
अपने संबोधन में सुनेत्रा पवार ने कहा कि यह जीत अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने “नई बारामती” बनाने का संकल्प दोहराते हुए जनता का धन्यवाद किया। वहीं पार्थ पवार ने भी मतदाताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी जीत की उन्होंने भी कल्पना नहीं की थी। उन्होंने बताया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद जनसुनवाई कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए काम किया जाएगा।




