नई दिल्ली, 08 मई (वेब वार्ता)। Delhi Police Crime Branch ने मेवात में सक्रिय एक बड़े साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह खुद को भारतीय वायु सेना का अधिकारी बताकर व्यापारियों को निशाना बनाता था और फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाखों रुपये की ठगी करता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी फर्जी खरीद आदेश और जाली पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर व्यापारियों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद सामान की आपूर्ति के नाम पर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता था। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने एक व्यापारी से एल्यूमिनस लैटेराइट की आपूर्ति के बहाने लगभग पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।
क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी पता चला कि गिरोह साइबर ठगी को अंजाम देने के लिए फर्जी पहचान पर लिए गए कई सिम कार्ड और बैंक खातों का उपयोग कर रहा था। आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश और हरियाणा से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले, बिचौलिए और सीधे तौर पर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले सदस्य शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई व्यापारियों को निशाना बना चुका है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। साथ ही अन्य संदिग्ध सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए व्यापारियों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी खरीद आदेश या सरकारी पहचान से जुड़े दस्तावेजों की पुष्टि किए बिना आर्थिक लेनदेन करने से बचने की सलाह दी गई है।




