-कमर खान
बलरामपुर, 08 मई (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा आरडीएसएस योजना के अंतर्गत लगाए गए स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को अब पोस्टपेड मोड में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है। अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने बताया कि यह बदलाव मुख्यालय स्तर पर आरएमएस बैकएंड प्रणाली के माध्यम से स्वतः लागू किया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बिलिंग व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि मई 2026 में हुई ऊर्जा खपत का बिल जून 2026 में पोस्टपेड प्रणाली के तहत जारी किया जाएगा। सभी उपभोक्ताओं को बिजली बिल संदेश और व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग ने प्रत्येक माह की 10 तारीख तक बिल तैयार करने की व्यवस्था सुनिश्चित की है।
अधीक्षण अभियंता के अनुसार यदि किसी तकनीकी कारण से स्वचालित रीडिंग प्राप्त नहीं हो पाती है, तो मैनुअल रीडिंग के आधार पर भी निर्धारित समय पर बिल जारी किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विभाग ने बताया कि प्रीपेड व्यवस्था के दौरान समायोजित की गई सुरक्षा धनराशि को अब कॉस्ट डाटा बुक-2026 के अनुसार दोबारा लिया जाएगा। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह राशि जून 2026 के बिल से शुरू होकर चार समान मासिक किस्तों में जोड़ी जाएगी।
बकाया भुगतान को लेकर भी विभाग ने विशेष सुविधा प्रदान की है। घरेलू उपभोक्ता 30 अप्रैल 2026 तक के बकाये को ब्याज सहित 10 आसान किस्तों में जमा कर सकेंगे। वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को बकाया राशि तीन किस्तों — 40 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और 30 प्रतिशत — में जमा करने की सुविधा दी गई है। स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 15 मई से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष शिकायत निवारण शिविर और सहायता काउंटर लगाए जाएंगे।
अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को समय पर बिल प्राप्त नहीं होता है, तो विभागीय व्हाट्सएप चैटबॉट या टोल फ्री नंबर 1912 के माध्यम से भी बिल प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से नई व्यवस्था का लाभ उठाने और किसी भी समस्या की स्थिति में विभागीय सहायता सेवाओं का उपयोग करने की अपील की।




