नई दिल्ली, 08 मई (वेब वार्ता)। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence द्वारा दिल्ली और हरियाणा में बड़े हमलों की कथित साजिश रचे जाने का मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों के अनुसार दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत राजमार्ग पर स्थित एक लोकप्रिय ढाबे और हरियाणा के एक सैन्य शिविर को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ के तहत कई राज्यों में कार्रवाई करते हुए मॉड्यूल से जुड़े नौ कथित गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिनके आधार पर जांच एजेंसियां मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
जांचकर्ताओं के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने दिल्ली के ऐतिहासिक मंदिर की रेकी की थी। उसने मंदिर परिसर और वहां की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से पाकिस्तान स्थित आकाओं को भेजी थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि मॉड्यूल मंदिर परिसर में तैनात पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की योजना बना रहा था, ताकि इलाके में दहशत और अव्यवस्था फैलाई जा सके।
सूत्रों के मुताबिक आरोपियों को दिल्ली-सोनीपत राजमार्ग पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबे पर ग्रेनेड हमला करने का भी जिम्मा सौंपा गया था। यह ढाबा प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि हमला सफल होता तो बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती थी और व्यापक नुकसान हो सकता था।
जांच के दौरान हरियाणा के हिसार स्थित एक सैन्य शिविर की रेकी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार सैन्य क्षेत्र के वीडियो और अन्य जानकारियां सीमा पार बैठे संचालकों तक पहुंचाई गई थीं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस थानों को भी कथित तौर पर निशाने पर रखा गया था।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी साजिश को नाकाम किया जा सका है।




