देहरादून, 11 मई (वेब वार्ता)। उत्तराखंड क्रांति दल ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि उक्रांद प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति बना रहा है। हालांकि पार्टी ने समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के साथ चुनावी तालमेल की संभावना भी खुली रखी है।
उक्रांद नेताओं का कहना है कि राज्य के मूल मुद्दों को लेकर जनता के बीच व्यापक असंतोष है और पार्टी इन्हीं विषयों को लेकर जनआंदोलन को मजबूत करेगी। पार्टी का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में क्षेत्रीय भावनाएं एक बार फिर तेजी से उभर रही हैं, जिसका राजनीतिक असर आगामी चुनावों में दिखाई दे सकता है।
हाल के दिनों में कई प्रमुख शिक्षाविद, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता उक्रांद से जुड़े हैं। इनमें पूर्व कुलपति यूएस रावत, प्रो. जेपी पंवार, कर्नल शक्ति बजाज, पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएस रावत, डॉ. रघुवीर सिंह, पूर्व भारतीय वन सेवा अधिकारी एमएस पाल और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हरीश जुगरान जैसे नाम शामिल हैं। पार्टी इसे अपने बढ़ते जनाधार और वैचारिक समर्थन के रूप में देख रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बेरोजगारी, पलायन, भू-कानून और मूल निवास जैसे मुद्दों पर उक्रांद का आक्रामक रुख भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए चुनौती बन सकता है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में लंबे समय से इन मुद्दों को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है।
उक्रांद को यह उम्मीद भी है कि राष्ट्रीय दलों से निराश मतदाता इस बार क्षेत्रीय विकल्प की ओर रुख कर सकते हैं। राज्य आंदोलन से जुड़े पुराने नेताओं, बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों का झुकाव भी धीरे-धीरे उक्रांद की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले समय में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा और जनता के बीच जाकर राज्य हित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। चुनावी रणनीति को लेकर जल्द ही विस्तृत कार्यक्रम भी घोषित किया जा सकता है।




