-खेलते-खेलते मौत की गोद में समाए भाई-बहन, मां की चीखों से कांप उठा चिमना गांव का भट्ठा
हरदोई, 11 मई (लक्ष्मीकांत पाठक)। थाना लोनार क्षेत्र के ग्राम चिमना स्थित एक ईंट भट्ठे पर शनिवार को दर्दनाक हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। कुछ देर पहले तक जहां मासूम किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अचानक चीख-पुकार और मातम का सन्नाटा फैल गया। बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबकर मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। हादसे के बाद मजदूर परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि पूरे भट्ठे का माहौल गमगीन हो उठा।
जानकारी के अनुसार, ईंट भट्ठे पर पथाई का कार्य करने वाले इरशाद खान पुत्र अशफाक खान निवासी अमीनगर थाना मोहम्मदी जनपद लखीमपुर खीरी अपने परिवार के साथ भट्ठे पर ही रहकर मजदूरी करते हैं। रोज की तरह शनिवार को भी उनके सात वर्षीय पुत्र और नौ वर्षीय पुत्री खेल रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि खेलते-खेलते दोनों मासूम मौत के मुंह में समा जाएंगे। बताया जाता है कि भट्ठे पर बारिश का पानी निकालने के लिए एक गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें पानी भरा हुआ था। खेलते समय दोनों बच्चे उसी गड्ढे के पास पहुंच गए और अचानक उसमें डूब गए। मासूमों की चीखें पानी की गहराई में हमेशा के लिए खो गईं।
काफी देर तक बच्चे नजर न आने पर परिजनों की बेचैनी बढ़ गई। मां बदहवास होकर अपने लालों को ढूंढती रही, जबकि आसपास मौजूद मजदूरों ने भी तलाश शुरू कर दी। कुछ देर बाद जब दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। अपने बच्चों को निर्जीव हालत में देखकर मां की चीखें सुन वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं। पिता गम में बेसुध हो गया और पूरे ईंट भट्ठे पर मातम पसर गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना लोनार पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। इस हृदयविदारक हादसे के बाद ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों में भी शोक का माहौल है। लोग चर्चा करते नजर आए कि यदि ऐसे खतरनाक गड्ढों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते तो शायद दो मासूम जिंदगियां बच सकती थीं।
क्षेत्राधिकारी हरपालपुर सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई है। पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।




