कानपुर, 12 मई (हरी शंकर शर्मा)। उत्तर प्रदेश में पहली बार कानपुर महानगर में सन टू ह्यूमन फाउंडेशन के तत्वावधान में ‘नए दृष्टिकोण’ पर आधारित छह दिवसीय निःशुल्क शिविर का आयोजन 19 मई से 24 मई तक बृजेंद्र स्वरूप पार्क में किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक चलने वाले इस शिविर में स्वास्थ्य, जीवनशैली और मानसिक संतुलन से जुड़े अनेक व्यावहारिक प्रयोग कराए जाएंगे।
फाउंडेशन के प्रतिनिधि ललित अग्रवाल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य लोगों को प्रवचन के बजाय प्रयोग के माध्यम से सम्यक आहार, सम्यक व्यायाम और सम्यक नींद का महत्व समझाना है। पिछले एक माह से देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रशिक्षकों शून्य भैया, मां मैत्रेयी, जानकी, राधिका, श्रवण, शिवालय, ललित और तरुण सहित कई परम मित्र कानपुर के विभिन्न मोहल्लों में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक 200 से अधिक प्राथमिक वैज्ञानिक प्रयोग करवा चुके हैं।
मुख्य शिविर में प्रतिभागियों को प्रयोगों के साथ 15 से 20 प्रकार के शुद्ध, सात्विक और पौष्टिक निःशुल्क नाश्ते का अनुभव भी कराया जाएगा। फाउंडेशन के संस्थापक पूज्य परम आलय जी स्वयं साधकों को मन, शरीर और चेतना को जागृत करने वाले विशेष प्रयोग कराएंगे। आयोजकों के अनुसार, 5 वर्ष से 90 वर्ष तक का कोई भी व्यक्ति इन प्रयोगों में सहज रूप से भाग ले सकता है।
सन टू ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा अब तक भारत और विदेशों में 10 हजार से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। संस्था का दावा है कि इन शिविरों से लाखों लोगों ने मधुमेह, उच्च रक्तचाप, थायराइड, माइग्रेन, अस्थमा, गठिया, तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव किया है तथा अपने जीवन में प्रेम और आनंद को विकसित किया है।
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह शिविर पूर्णत: गैर-व्यावसायिक है और इसमें किसी भी धर्म, संप्रदाय, जाति या वर्ग का व्यक्ति भाग ले सकता है। शिविर में किसी भी दवा या जीवनशैली को अचानक बंद करने की सलाह नहीं दी जाती, बल्कि बेहतर विकल्पों और समझ के माध्यम से स्वस्थ जीवन की दिशा में मार्गदर्शन दिया जाता है।
शिविर को सफल बनाने में श्री महावीर रोलिंग मिल्स प्रा. लि. के अनूप चंद जैन सहित सुरेश जैन, मुकेश, राकेश, दिनेश, संजय, राजीव, मोना, विक्की, नितिन, रजत, सागर, अक्षत, पवित्र जैन और अन्य समाजसेवी सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। आयोजकों का विश्वास है कि यह शिविर कानपुर में स्वास्थ्य जागरूकता की नई वैचारिक क्रांति का सूत्रपात करेगा।




