मॉडल संकुल संघ के लेखाकार और एमआईएस सहायकों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र

लखनऊ | राज्य डेस्क | वेब वार्ता

UPSRLM Model Cluster Training के तहत दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब, लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के अंतर्गत मॉडल संकुल संघ के लेखाकार एवं एमआईएस सहायकों का 10 दिवसीय राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हो गया। 18 से 27 जून तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों के प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन प्रणाली, डेटा प्रबंधन तथा संकुल स्तरीय संघों के प्रभावी संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • एसआईआरडी, लखनऊ में 10 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ।
  • मॉडल संकुल संघ के लेखाकार एवं एमआईएस सहायकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
  • कार्यक्रम 18 से 27 जून तक आयोजित किया गया।
  • वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन एवं डेटा प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
  • गाजीपुर, कन्नौज, बिजनौर और शामली सहित कई जिलों के प्रतिभागी शामिल हुए।
  • समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

UPSRLM Model Cluster Training का उद्देश्य क्या रहा?

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी) द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मॉडल संकुल संघों के लेखाकार एवं एमआईएस सहायकों को आधुनिक वित्तीय एवं प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण का आयोजन मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन के निर्देश पर किया गया, ताकि संकुल स्तरीय संघों में पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन और प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

यह प्रशिक्षण ग्रामीण विकास के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?मॉडल संकुल संघ स्वयं सहायता समूहों के संचालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षित लेखाकार और एमआईएस सहायक वित्तीय पारदर्शिता, सही लेखांकन, डाटा प्रबंधन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में अहम योगदान देते हैं।

प्रतिभागियों को किन विषयों का दिया गया प्रशिक्षण?

संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन प्रणाली और डेटा प्रबंधन में दक्ष बनाना था, ताकि मॉडल संकुल संघ व्यावसायिक एवं पारदर्शी तरीके से कार्य कर सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षित प्रतिभागी ‘गरीबी मुक्त गांव’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मिशन प्रबंधक प्रभारी डॉ. नन्दकिशोर साह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान समूह निर्माण, सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका, संगठनात्मक संरचना, संकुल स्तरीय संघों के तीन प्रमुख स्तंभ—सदस्यता, शासन एवं परिचालन—पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रतिभागियों को दोहरी लेखा प्रणाली, लेखांकन चक्र, रसीद-वाउचर, खाता बही, प्राप्ति-भुगतान पत्रक, आय-व्यय विवरण, आर्थिक चिट्ठा, वित्तीय प्रबंधन, ऋण प्रबंधन, बचत, बीमा तथा डेटा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रमुख जानकारी

मुख्य बिंदुविवरण
आयोजकदीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (SIRD)
योजनाउत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM)
प्रशिक्षण अवधि18 से 27 जून 2026
प्रतिभागीलेखाकार एवं एमआईएस सहायक
मुख्य विषयवित्तीय प्रबंधन, लेखांकन, डेटा प्रबंधन एवं समूह संचालन
प्रतिभागी जिलेगाजीपुर, कन्नौज, बिजनौर, शामली सहित अन्य

प्रमाणपत्र वितरण के साथ हुआ समापन

समापन समारोह में डॉ. सीमा राठौर, प्रशिक्षण प्रसार अधिकारी तथा डॉ. नन्दकिशोर साह ने संयुक्त रूप से प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। कार्यक्रम में राज्य संसाधन व्यक्ति बैजनाथ राम, जिला संसाधन व्यक्ति अमित कुमार सिंह तोमर, मेघा वर्मा, सोनिया, देवेंद्र मिश्रा, कुमारी विमलेश, राजेंद्र सिंह, सूरज सिंह सहित अन्य प्रशिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने-अपने जिलों में संकुल स्तरीय संघों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में करने का आह्वान किया।

इस प्रशिक्षण का क्या लाभ होगा?प्रशिक्षित लेखाकार एवं एमआईएस सहायक संकुल स्तरीय संघों में बेहतर वित्तीय अनुशासन, सटीक डेटा प्रबंधन, योजनाओं की प्रभावी निगरानी और पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करेंगे। इससे स्वयं सहायता समूहों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण आजीविका मिशन के लक्ष्यों को तेजी से हासिल करने में सहायता मिलेगी।

ग्रामीण आजीविका मिशन को मिलेगा नया बल

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षित मानव संसाधन किसी भी विकास कार्यक्रम की सफलता की आधारशिला होते हैं। लेखांकन, डेटा प्रबंधन और संस्थागत क्षमता निर्माण के माध्यम से मॉडल संकुल संघ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रशिक्षण आधारित क्षमता विकास के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता, वित्तीय पारदर्शिता और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

More articles

- Advertisement -
- Advertisement -