नई दिल्ली | अब्दुल रशीद | वेब वार्ता
Delhi Mobile Smuggling Racket का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली पुलिस की उत्तरी रेंज और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन को नेपाल और बांग्लादेश तक पहुंचाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा उनके कब्जे से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के 325 चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरोह दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से मोबाइल फोन एकत्र कर उन्हें पश्चिम बंगाल के रास्ते नेपाल और बांग्लादेश में ऊंचे दामों पर बेचता था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क, उसके वित्तीय लेन-देन और अन्य सहयोगियों की जांच में जुटी है।
- दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मोबाइल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
- संयुक्त कार्रवाई में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- करीब एक करोड़ रुपये कीमत के 325 मोबाइल फोन बरामद हुए।
- मोबाइल दिल्ली से पश्चिम बंगाल के रास्ते नेपाल और बांग्लादेश भेजे जाते थे।
- तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई।
- पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है।
Delhi Mobile Smuggling Racket का खुलासा कैसे हुआ?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच की शुरुआत चोरी के मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त में शामिल एक आरोपी की गिरफ्तारी से हुई। उसकी तलाशी के दौरान कोलकाता भेजे गए एक पार्सल की रसीद बरामद हुई। इसी महत्वपूर्ण सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और पुलिस ने पूरे नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कर दीं।
तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचनाओं तथा विभिन्न राज्यों की पुलिस के सहयोग से दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैले इस गिरोह की कड़ियां जोड़ी गईं, जिसके बाद एक-एक कर गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूरे नेटवर्क में बंटी हुई थीं अलग-अलग जिम्मेदारियां
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह संगठित तरीके से कार्य कर रहा था। कुछ सदस्य चोरी अथवा गुम हुए मोबाइल एकत्र करने का काम करते थे, जबकि अन्य सदस्य उनकी पैकिंग, पार्सल भेजने और सीमा पार पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालते थे।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि मोबाइल फोन नेपाल और बांग्लादेश में ऊंचे दामों पर बेचे जाते थे। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोग और खरीदार कौन हैं।
कार्रवाई की प्रमुख जानकारी
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कार्रवाई करने वाली एजेंसी | दिल्ली पुलिस (उत्तरी रेंज एवं स्पेशल स्टाफ) |
| गिरफ्तार आरोपी | 10 |
| बरामद मोबाइल | 325 |
| बरामदगी का अनुमानित मूल्य | लगभग ₹1 करोड़ |
| तस्करी का मार्ग | दिल्ली → पश्चिम बंगाल → नेपाल एवं बांग्लादेश |
| जांच | नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी |
आईएमईआई नंबरों का किया जा रहा मिलान
पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए सभी 325 मोबाइल फोन के IMEI नंबरों का विभिन्न थानों में दर्ज चोरी और गुमशुदगी की शिकायतों से मिलान किया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे जाएंगे।
इस प्रक्रिया के जरिए पुलिस यह भी पता लगाएगी कि किन क्षेत्रों में मोबाइल चोरी की घटनाएं अधिक हुई हैं और गिरोह तक मोबाइल किस माध्यम से पहुंच रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई केवल शुरुआती चरण है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य राज्यों और सीमा पार जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही अवैध कमाई, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल चोरी या गुम होने की स्थिति में तुरंत संबंधित थाने अथवा ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ऐसे संगठित गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।




