जेवर (गौतम बुद्ध नगर) | अजय कुमार | वेब वार्ता
Amber Ascent K Circuits Plant परियोजना के तहत केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जेवर में अंबर एंटरप्राइजेज और कोरिया सर्किट्स के संयुक्त उपक्रम एसेंट-के सर्किट्स के इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट विनिर्माण संयंत्र की आधारशिला रखी। लगभग 6,785 करोड़ रुपये के निवेश वाली यह परियोजना उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे हजारों रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ क्षेत्र में सहायक उद्योगों और निवेश को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)
- जेवर में अंबर एंटरप्राइजेज एवं कोरिया सर्किट्स के संयुक्त उपक्रम का शिलान्यास।
- परियोजना में 6,785 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित।
- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
- इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट विनिर्माण को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन।
- हजारों रोजगार और नए औद्योगिक निवेश की संभावना।
- उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
Amber Ascent K Circuits Plant से जेवर को क्या मिलेगा?
जेवर में स्थापित होने वाला यह आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट विनिर्माण संयंत्र प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देगा। परियोजना के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होने और निर्यात क्षमता मजबूत होने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि इस निवेश से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्र में सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई इकाइयों को भी लाभ मिलेगा।
यह परियोजना क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है?भारत सरकार देश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। जेवर में स्थापित होने वाला यह प्लांट उसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे उच्च तकनीक विनिर्माण, रोजगार सृजन और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भागीदारी मजबूत होगी।
केंद्रीय मंत्रियों ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया विश्वसनीय, लोकतांत्रिक और सक्षम विनिर्माण साझेदार की तलाश कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत उस विश्वास का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राजनीतिक स्थिरता, पारदर्शी नीतियां, कुशल युवा कार्यबल और तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का स्वाभाविक केंद्र बना रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में भारत तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 6,785 करोड़ रुपये का यह निवेश जेवर क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माण केंद्र बन चुका है और देश के लगभग 55 प्रतिशत मोबाइल फोन नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बनाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था, निवेश अनुकूल नीतियां, सिंगल विंडो सिस्टम और त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया के कारण उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का प्रदेश की विकास परियोजनाओं को समय पर स्वीकृति देने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
परियोजना की प्रमुख जानकारी
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| परियोजना | अंबर एंटरप्राइजेज एवं कोरिया सर्किट्स का संयुक्त उपक्रम (एसेंट-के सर्किट्स) |
| स्थान | जेवर, गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) |
| कुल निवेश | ₹6,785 करोड़ |
| क्षेत्र | इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सर्किट विनिर्माण |
| मुख्य उद्देश्य | रोजगार, निवेश और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा |
उत्तर प्रदेश बन रहा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP)’ योजना ने प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, रक्षा, लॉजिस्टिक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े निवेश को प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कानपुर और झांसी के बीच विकसित की जा रही औद्योगिक नगरी (बीडा) सहित कई नई परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को और मजबूत करेंगी।
इस परियोजना से आगे क्या प्रभाव पड़ेगा?विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगी। इससे स्थानीय उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे, युवाओं के लिए रोजगार बढ़ेगा और भारत के ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी गति मिलेगी।
विकसित भारत के लक्ष्य को मिलेगी नई गति
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। जेवर में यह नई परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
औद्योगिक निवेश, आधुनिक आधारभूत ढांचे और अनुकूल नीतियों के बल पर उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है और आने वाले वर्षों में इसका लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा युवाओं को मिलने की उम्मीद है।




